
देहरादून: नगर निगम देहरादून का खजाना वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगातार मजबूत होता नजर आ रहा है। भवन कर वसूली और विभिन्न चालानी कार्रवाइयों के चलते दिसंबर के अंत तक नगर निगम को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। कर अनुभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक 35 करोड़ से अधिक रुपये भवन कर के रूप में जमा हो चुके हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी को दर्शाता है। ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था, नियमित अभियान और बकायादारों पर सख्ती से वसूली में तेजी आई है, जिसका सीधा असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ वर्षों से नगर निगम देहरादून राजस्व बढ़ाने और कर प्रणाली को पारदर्शी बनाने पर लगातार काम कर रहा है। ऑनलाइन टैक्स भुगतान, डिजिटल बिलिंग और नियमित फील्ड अभियान के कारण करदाताओं की संख्या बढ़ी है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष भवन कर वसूली में बीते साल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है।
आधिकारिक जानकारी
नगर निगम देहरादून के कर अनुभाग के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 35 करोड़ 79 लाख 25 हजार 573 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में जमा किए जा चुके हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य अनुभाग द्वारा गंदगी और प्रदूषण के खिलाफ की गई चालानी कार्रवाई से भी निगम को आय हुई है। सीवर से जुड़े चालानों से 2 लाख रुपये, ध्वनि प्रदूषण से 1 लाख रुपये, प्लास्टिक और गंदगी से जुड़े चालानों से 6 लाख 64 हजार 60 रुपये, ड्रोन के माध्यम से किए गए चालानों से 4 हजार रुपये और आरसी से 4 लाख 92 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। पशु चिकित्सा अनुभाग ने उपचार, लाइसेंस शुल्क और चालानों से भी लाखों रुपये की आय अर्जित की है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह राजस्व शहर के बुनियादी ढांचे पर सही तरीके से खर्च किया गया, तो देहरादून को स्वच्छ और बेहतर सुविधाओं वाला शहर बनाने में मदद मिलेगी। व्यापारियों ने भी उम्मीद जताई है कि बढ़ी हुई आय से सड़क, नाली और प्रकाश व्यवस्था में सुधार होगा।
अधिकारी वक्तव्य
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगम का भवन कर लक्ष्य 75 करोड़ रुपये रखा गया है। उन्होंने कहा कि अब तक 35 करोड़ 89 लाख रुपये का भवन कर जमा हो चुका है। इसी वर्ष व्हाट्सएप के माध्यम से टैक्स बिल भेजने की शुरुआत की गई, जिसके जरिए करीब 5 हजार करदाताओं ने भुगतान किया है। नगर निगम द्वारा राजस्व सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
संख्या / तथ्य
अब तक 35 करोड़ से अधिक रुपये भवन कर के रूप में जमा हो चुके हैं। चालानी कार्रवाई और अन्य शुल्कों से भी लाखों रुपये की अतिरिक्त आय हुई है। नगर निगम का वार्षिक लक्ष्य 75 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
आगे क्या होगा
नगर निगम द्वारा नई प्रॉपर्टियों को कर दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। हाल ही में एमडीडीए से प्राप्त 30 हजार प्रॉपर्टियों की सूची की जांच कर ऐसे संपत्ति धारकों का पंजीकरण कराया जाएगा, जो अभी तक करदाता नहीं हैं। इससे आने वाले समय में राजस्व में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।





