
देहरादून के मेहूवाला क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने अपने शौहर पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और फोन पर तीन तलाक देने का आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर पर पटेलनगर कोतवाली में पति सहित तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
तीन तलाक पर कानून बनाए जाने के बाद भी देशभर में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। देहरादून में दर्ज हुआ यह मामला न केवल तीन तलाक से जुड़ा है, बल्कि इसमें दहेज प्रताड़ना, मारपीट, संपत्ति बेचने और अवैध संबंधों का दबाव डालने जैसी गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद
मेहूवाला, नया नगर की पीड़िता ने बताया कि उसका निकाह 10 मई को मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। शुरुआती दिनों में पति का व्यवहार सामान्य रहा, लेकिन कुछ ही समय में लड़ाई-झगड़ा, गाली-गलौज और मारपीट की घटनाएँ बढ़ने लगीं।
पीड़िता का आरोप है कि उसका शौहर दहेज में स्कॉर्पियो कार की मांग करता था, जबकि उसके परिवार ने सामर्थ्यानुसार बाइक और सोने के गहने दिए थे। आरोप है कि पति ने ये सभी जेवर और बाइक बेच दिए।
बहन के घर छोड़ा और फोन पर दिया तीन तलाक
पीड़िता के अनुसार, विवाह कराने में मदीना मस्जिद माजरा (देहरादून) के एक व्यक्ति की भूमिका रही। पीड़िता ने बताया कि 2 नवंबर को उसके शौहर ने मारपीट कर उसे उसकी बहन के घर छोड़ दिया और कुछ देर बाद फोन पर तीन बार “तलाक-तलाक-तलाक” कहकर तलाक दे दिया।
गंभीर आरोप: अवैध संबंधों का दबाव और घर बेचना
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसका शौहर उसे अपने जीजा और दोस्तों के साथ अवैध संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। साथ ही, बड़ा आरोप ये है कि शौहर ने घर को किसी परिचित को बेच दिया और अब वह फरार बताया जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में दहेज और घरेलू हिंसा के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। उनका कहना है कि तीन तलाक पर कानून बनने के बाद भी इस तरह की घटनाएँ चिंता का विषय हैं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कदम जरूरी हैं।
पुलिस की कार्रवाई
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया— “पीड़िता की शिकायत के आधार पर उसके शौहर सहित दो अन्य लोगों के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी घर बेचकर फरार है और पुलिस टीम उनकी तलाश व केस की जांच में जुटी है।”
आगे क्या?
पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पीड़िता की सुरक्षा और बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामला संवेदनशील होने के कारण इसे प्राथमिकता पर जांचा जा रहा है।







