
देहरादून में वकीलों ने सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में अदालत और सड़क—दोनों बंद कर दिए। सैकड़ों वकील प्रिंस चौक से गांधी रोड, तहसील चौक और दर्शन लाल चौक होते हुए घंटाघर तक रैली निकालकर विरोध जताया। शहर में जाम के हालात बने रहे और अदालतों में कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बार एसोसिएशन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार से वार्ता कर रही है। संघर्ष समिति द्वारा सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन ठोस आश्वासन न मिलने से वकीलों में नाराजगी बढ़ी। इसी क्रम में विरोध प्रदर्शन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
अधिकारिक जानकारी
बार एसोसिएशन के सचिव राजबीर बिष्ट ने बताया कि सरकार से अपेक्षित प्रतिक्रिया न मिलने के कारण वकीलों को आंदोलन तेज करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से जो प्रस्ताव भेजा गया है, उस पर “दृढ़ और स्पष्ट फैसला” आने तक विरोध जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि सोमवार को वकीलों ने धरना और रैली निकालने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया। इसके चलते अदालत और रजिस्ट्रार कार्यालय में सभी कामकाज बंद रहा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
शहरवासियों का कहना है कि सोमवार सुबह रैली के चलते मुख्य मार्गों पर यातायात काफी प्रभावित हुआ।
एक राहगीर ने कहा, “प्रिंस चौक से घंटाघर तक पूरे रास्ते जाम लग गया था। ऑफिस और स्कूल जाने में काफी दिक्कत आई।”
वकीलों का कहना है कि वे मजबूरन सड़क पर उतर रहे हैं क्योंकि उनकी मांगों पर सरकार ने अभी तक ठोस पहल नहीं की है।
रैली और प्रदर्शन का विवरण
सुबह से ही सैकड़ों वकील प्रिंस चौक पर दो कतारों में जमा हो गए। विरोध मार्च गांधी रोड, तहसील चौक और दर्शन लाल चौक से होता हुआ घंटाघर पहुंचा। वहां कुछ देर नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया।
इसके बाद वकील हरिद्वार रोड स्थित अदालत परिसर के सामने धरनास्थल पर लौट आए और दिनभर विरोध जताते रहे।
आगे क्या होगा
बार एसोसिएशन ने संकेत दिया है कि यदि मांगों पर जल्द समाधान नहीं मिला तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा। आने वाले दिनों में वकीलों का विरोध लगातार जारी रहने की संभावना है, जिससे अदालतों के कामकाज पर असर पड़ सकता है।





