
देहरादून के थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में जमीन बेचने के नाम पर अलग-अलग दो व्यक्तियों से लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। दोनों पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला अजबपुर कला में जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर 63 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला केदारपुरम में प्लॉट दिखाकर 33 लाख 44 हजार रुपये लेने और बाद में जमीन किसी और को बेच देने का है। इन घटनाओं ने प्रॉपर्टी लेन-देन में सावधानी बरतने की जरूरत को फिर से उजागर किया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
शहर में तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट कारोबार के बीच जमीन खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। फर्जी दस्तावेज, रजिस्ट्री में देरी और एक ही जमीन को कई लोगों को दिखाने जैसी शिकायतें पहले भी पुलिस के पास पहुंच चुकी हैं। ताजा मामलों ने आम नागरिकों में चिंता बढ़ा दी है।
आधिकारिक जानकारी
थाना नेहरू कॉलोनी प्रभारी संजीत कुमार के अनुसार, दोनों पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं और पुलिस आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। पहले मामले में आरोपी प्रदीप सकलानी, निवासी टिहरी गढ़वाल, के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दूसरे मामले में महिला राजेश देवी और उसके पति अशोक कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में जमीन खरीदते समय लोग अक्सर जल्दबाजी में सौदे कर लेते हैं, जिससे ऐसे मामले बढ़ रहे हैं। कुछ व्यापारियों ने बताया कि प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन में कानूनी जांच और रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने से पहले बड़ी रकम देना जोखिम भरा हो सकता है।
आंकड़े / तथ्य
पहले मामले में पीड़ित से कुल 63 लाख रुपये लिए गए, जबकि सौदे की कुल राशि 74 लाख 71 हजार रुपये तय हुई थी। दूसरे मामले में 33 लाख 44 हजार रुपये लेने के बाद जमीन किसी अन्य व्यक्ति को 27 लाख रुपये में बेच दी गई।
आगे क्या होगा
पुलिस दोनों मामलों में दस्तावेजों की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस आम नागरिकों से अपील कर रही है कि जमीन खरीदने से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच करें।




