
देहरादून। भारतीय पेट्रोलियम संस्थान (IIP) के पूर्व निदेशक डॉ. अंजन रे के नाम से फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। “स्टॉक मेंटर अंजन” नाम से बनाए गए इस अकाउंट से लोगों को शेयर बाजार में निवेश का झांसा दिया जा रहा है। ठग फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से लोगों को वॉट्सऐप ग्रुप लिंक भेजकर उन्हें जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनके अकाउंट और निजी डाटा को हैक किया जा सके।
फर्जी अकाउंट से ठगी की कोशिश
पूर्व निदेशक डॉ. अंजन रे ने बताया कि ठगों ने उनके नाम और तस्वीर का उपयोग करते हुए एक नकली फेसबुक प्रोफाइल बनाई है, जिसका नाम “Stock Mentor Anjan” रखा गया है। इस अकाउंट से उनके परिचितों को मैसेंजर पर संदेश भेजे जा रहे हैं, जिनमें उन्हें शेयर बाजार में निवेश के जरिए “तेजी से लाभ” कमाने का झांसा दिया जा रहा है।
ठगों द्वारा भेजे गए संदेशों में वॉट्सऐप ग्रुप जॉइन करने के लिए लिंक शामिल है। लिंक पर क्लिक करते ही उपयोगकर्ताओं के अकाउंट हैक होने की आशंका है।
पूर्व निदेशक की चेतावनी और अपील
डॉ. अंजन रे ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से अपील की है कि —
“मेरे नाम से किसी भी तरह के निवेश संबंधी संदेश या लिंक पर भरोसा न करें। यदि ऐसा कोई मैसेज प्राप्त हो तो तुरंत रिपोर्ट करें और पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचित करें।”
उन्होंने कहा कि साइबर ठग तकनीक के नए तरीकों का उपयोग कर रहे हैं, इसलिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
दिल्ली में मोबाइल चोरी से जुड़ा मामला
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले दिल्ली के चितरंजन पार्क के पास डॉ. अंजन रे का मोबाइल फोन चोरी हो गया था। थोड़ी ही देर में उनके इमरजेंसी नंबर पर “Apple Support” के नाम से एक फर्जी संदेश प्राप्त हुआ। परिवार के एक सदस्य ने जब उस लिंक पर क्लिक किया, तो फोन पूरी तरह हैक हो गया और उसमें मौजूद निजी जानकारी साइबर अपराधियों के पास पहुंच गई।
इसके बाद हैकर्स ने डिवाइस को iCloud से डिस्कनेक्ट कर दिया ताकि फोन की लोकेशन ट्रैकिंग रोकी जा सके।
बैंक खाते को बचाया बायोमेट्रिक लॉक ने
डॉ. अंजन रे ने बताया कि उन्होंने अपने आधार कार्ड की बायोमेट्रिक सुविधा लॉक कर रखी थी, जिसकी वजह से उनका बैंक खाता सुरक्षित बच गया। उन्होंने कहा कि यदि यह सुरक्षा सुविधा सक्रिय न होती, तो साइबर ठग उनके बैंक अकाउंट को भी खाली कर सकते थे।
शिकायत दर्ज लेकिन कार्रवाई नहीं
डॉ. अंजन ने बताया कि उन्होंने मोबाइल चोरी और साइबर ठगी की शिकायत
- दिल्ली पुलिस थाने,
- राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन (1930), और
- टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) को दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों की सक्रियता बढ़ती जा रही है और ऐसे मामलों में तत्काल जांच और कार्रवाई की आवश्यकता है।






