
देहरादून: देहरादून में ठगी के दो गंभीर मामले सामने आए हैं, जहां एक ओर तंत्र-मंत्र के जरिए जमीन में गड़ा खजाना दिलाने का लालच देकर एक व्यक्ति से लाखों रुपये और जमीन हड़प ली गई, वहीं दूसरी ओर गुरुग्राम की एक महिला को वास्तु और शादी के झांसे में फंसाकर करीब 55 लाख रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर अलग-अलग थानों में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिछले कुछ वर्षों में अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र और ऑनलाइन-ऑफलाइन ठगी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। लोग जल्दी मुनाफे, संपत्ति या निजी रिश्तों के भरोसे में आकर जालसाजों का शिकार हो रहे हैं। देहरादून के ये दोनों मामले इसी प्रवृत्ति की गंभीर मिसाल हैं।
तंत्र-मंत्र के नाम पर जमीन बिकवाई
रायपुर थाना क्षेत्र के नथूवाला निवासी राजकुमार ने पुलिस को बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसकी मुलाकात हसीन राणा नामक व्यक्ति से हुई थी। बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने लक्सर, हरिद्वार में स्थित पीड़ित की जमीन की जानकारी जुटाई और बाद में अपने साथियों वाजिद और जावेद के साथ घर पहुंचा। आरोप है कि वाजिद को सिद्ध तांत्रिक बताकर जमीन के नीचे सोना-चांदी दबे होने की बात कही गई और डराया गया कि किसी को बताया तो परिवार में अनहोनी हो सकती है।
आरोपियों ने कमरे में चिराग जलाकर और चांदी के सिक्के दिखाकर पीड़ित को यकीन दिलाया। इसके बाद पूजा-पाठ के नाम पर पैसे ऐंठे गए। दबाव बनाकर पीड़ित की लक्सर स्थित सात बीघा जमीन 24 लाख रुपये में बिकवा दी गई और पूरी रकम हड़प ली गई। बाद में नथूवाला की जमीन भी बिकवाकर 61 लाख रुपये नकद ले लिए गए। जब खरीदार जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ।
आधिकारिक जानकारी (पहला मामला)
थाना रायपुर प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर हसीन राणा, वाजिद और जावेद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
गुरुग्राम की महिला से 55 लाख की ठगी
दूसरा मामला थाना राजपुर क्षेत्र का है, जहां गुरुग्राम निवासी एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। महिला इंटीरियर डिजाइनिंग और वास्तु का काम करती है। आरोप है कि मई 2025 में हल्द्वानी निवासी ललित मोहन पांडे ने उसे राजपुर रोड स्थित अपने रेस्टोरेंट-बार-लॉन्ज का वास्तु कार्य कराने के लिए देहरादून बुलाया।
काम के दौरान आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का झांसा दिया और महिला को पार्टनर बनाने का भरोसा दिलाया। बार लाइसेंस मिलने के नाम पर 30 लाख रुपये और इंटीरियर व अन्य कार्यों के लिए कुल 55 लाख रुपये ले लिए गए। बाद में महिला को पता चला कि रेस्टोरेंट का किराया भी लंबे समय से बकाया है और संपत्ति विवाद में फंसी हुई है। जब महिला ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने शादी से इनकार कर दिया और धमकी देने का आरोप भी लगाया गया।
आधिकारिक जानकारी (दूसरा मामला)
थाना राजपुर प्रभारी प्रदीप रावत ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी ललित मोहन पांडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों में लोगों को लालच और भावनात्मक दबाव से बचना चाहिए। समाज के जानकारों का मानना है कि तंत्र-मंत्र, त्वरित लाभ और निजी रिश्तों के नाम पर होने वाली ठगी के खिलाफ जागरूकता बेहद जरूरी है।
आगे क्या होगा
पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। डिजिटल लेन-देन, गवाहों के बयान और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







