
देहरादून शहर के व्यस्त सेंट ज्यूड चौक पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्राइवेट इलेक्ट्रिक बस में अचानक आग लग गई। यह घटना दिन के समय हुई, जब बस सड़क पर चल रही थी और उसमें कई यात्री सवार थे। आग लगते ही बस के भीतर धुआं भर गया, जिससे यात्रियों में घबराहट फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और ट्रैफिक पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 25 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। धुएं की चपेट में आए कुछ लोगों को एहतियातन प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। यह घटना शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में हाल के वर्षों में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक बसों और वाहनों का संचालन तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इस तरह की घटनाएं तकनीकी जांच, रखरखाव और सुरक्षा मानकों की गंभीरता को रेखांकित करती हैं। भीड़भाड़ वाले चौराहे पर हुई इस घटना ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
आधिकारिक जानकारी
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही समय में आग पर काबू पा लिया गया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
इस संबंध में परिवहन विभाग के अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगते ही कुछ देर के लिए पूरे चौराहे पर यातायात रुक गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि समय रहते सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
आंकड़े / जानकारी
इस घटना में कुल 25 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
धुएं के कारण कुछ यात्रियों को अस्पताल ले जाया गया, हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
आगे क्या होगा
प्रशासन द्वारा बस की तकनीकी जांच कराई जाएगी और आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की सुरक्षा जांच को लेकर सख्ती बढ़ाई जा सकती है।





