
देहरादून: साइबर ठगों ने शेयर बाजार में निवेश और अधिक मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से 47 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना देहरादून में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हाल के महीनों में निवेश से जुड़े साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी आई है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों के नाम पर कई लोग झांसे में आकर बड़े नुकसान का सामना कर रहे हैं। ताज़ा मामला देहरादून में सामने आया है, जहां ठगों ने खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताकर लाखों रुपये हड़प लिए।
घटना का विवरण
पीड़ित के अनुसार, सितंबर में उन्हें “C-51 — द फार्मूला फॉर वेल्थ” नामक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में 194 सदस्य थे और “करण सिंह” नामक व्यक्ति खुद को भारतीय और अमेरिकी शेयर बाजार का 20 साल का अनुभवी बताते हुए स्टॉक सुझाव दे रहा था।
ग्रुप में मौजूद एक अन्य व्यक्ति “आलोक सिंह” ने हर दिन अमेरिकी और भारतीय मार्केट सत्रों में ट्रेडिंग कर मुनाफा कमाने का दावा किया। पीड़ित ने विश्वास करते हुए ग्रुप द्वारा दिए गए लिंक से एक ऐप डाउनलोड किया और 30 सितंबर को 50 हजार रुपये निवेश किए। ऐप पर मुनाफा बढ़ता दिखाई देने लगा।
18 अक्टूबर तक पीड़ित दो अलग-अलग आईपीओ में 24.50 लाख रुपये निवेश कर चुके थे और ऐप पर कुल मुनाफा 40 लाख रुपये दिखाया जा रहा था। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो निकासी नहीं हुई।
पीड़ित ने जब ठग “आलोक” से संपर्क किया, तो उसने कहा कि शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स लंबित है, जिसकी भरपाई के बाद ही निकासी संभव होगी। इस पर पीड़ित ने 10.43 लाख रुपये और जमा कर दिए।
इसके बाद ठगों ने दावा किया कि बैंक खाता संख्या का एक अंक गलत था और राशि गलत खाते में चली गई है। इस बहाने उन्होंने पीड़ित से और 12.20 लाख रुपये जमा करवा लिए।
पीड़ित के अनुसार, 30 सितंबर से 10 नवंबर 2025 के बीच कुल 47.63 लाख रुपये अलग-अलग खातों में जमा करवाए गए, लेकिन कोई भी राशि वापस नहीं मिली।
पुलिस की प्रतिक्रिया
साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित द्वारा जिन खातों में रुपये भेजे गए थे, उनकी जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपी नेटवर्क की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
शेयर बाजार में निवेश के इच्छुक स्थानीय लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। एक कारोबारी ने कहा, “व्हाट्सएप ग्रुपों और फर्जी ऐप पर भरोसा करना जोखिम भरा है। निवेश से पहले पूरी जांच जरूरी है।”
आगे क्या?
साइबर थाना अब आईपी एड्रेस, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की कड़ी जांच कर रहा है। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि यह एक अंतरराज्यीय नेटवर्क हो सकता है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






