
देहरादून — शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेल) से सेवानिवृत्त एक वरिष्ठ अधिकारी से 52 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को फाइनेंशियल एडवाइजरी से जुड़ा बताते हुए व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया और फर्जी दस्तावेज व लिंक भेजकर पीड़ित से लगातार रकम जमा करवाई। जब पीड़ित ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो उससे अतिरिक्त शुल्क मांगा गया, जिसके बाद ठगी का खुलासा हुआ। मामले में साइबर क्राइम कंट्रोल पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
ऑनलाइन निवेश और डिजिटल ट्रेडिंग के बढ़ते चलन के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी तेजी आई है। ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं का लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। उत्तराखंड में भी हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
आधिकारिक जानकारी
साइबर पुलिस के अनुसार पीड़ित अरुण कुमार, निवासी केदारपुरम, बेंगलुरु स्थित रक्षा सार्वजनिक उपक्रम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बेल) से डीजीएम पद से सेवानिवृत्त हैं। अक्टूबर माह में नेहा नोमूरा नाम की महिला ने उनसे व्हाट्सएप पर संपर्क कर शेयर मार्केट निवेश के विभिन्न प्लान बताए।
5 नवंबर को ठगों ने खुद को नोमूरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताते हुए सेबी पंजीकरण का पत्र भेजा, जिसमें मुंबई के वर्ली क्षेत्र का पता दर्शाया गया था। इसके बाद पीड़ित से लिंक के जरिए पंजीकरण कराकर ट्रेडिंग शुरू करवाई गई।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पढ़े-लिखे और अनुभवी लोग भी साइबर ठगों के जाल में फंस रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने बताया कि निवेश से जुड़े ऑफर मिलने पर वे अब पहले सत्यापन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आंकड़े / तथ्य
पीड़ित से 5 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच कुल 36 लेनदेन कराए गए।
इस दौरान 52 लाख 97 हजार रुपये अलग-अलग खातों में जमा कराए गए।
रकम निकालने पर ठगों ने पहले सेवा शुल्क और फिर 1.5 लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने की मांग की।
आगे क्या?
साइबर एएसपी कुश मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जिन बैंक खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई है, उनकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ठगों की पहचान की कोशिश जारी है।
साइबर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लालच भरे निवेश ऑफर, फर्जी वेबसाइट, टेलीग्राम या सोशल मीडिया आधारित योजनाओं से सावधान रहें। संदेह की स्थिति में तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस से संपर्क करें। वित्तीय साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें।
ऋषिकेश न्यूज़ आगे भी साइबर अपराध और जनहित से जुड़ी खबरों की अपडेट देता रहेगा।
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