
देहरादून में कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पदभार ग्रहण करते ही संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की बैठने की व्यवस्था पुनर्गठित करते हुए फ्रंट ऑफिसों का नया आवंटन किया है, ताकि आगामी 2027 विधानसभा चुनावों के लिए रणनीतिक तैयारी मजबूत की जा सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कांग्रेस संगठन में लंबे समय से वरिष्ठ नेताओं की नियमित उपस्थिति और तालमेल को लेकर चर्चाएँ चल रही थीं। 2027 के चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व संगठन को सक्रिय, व्यवस्थित और चुनाव-केन्द्रित बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इसी क्रम में नई जिम्मेदारियाँ और कार्यालय आवंटन किए गए हैं।
आधिकारिक जानकारी / नए बदलाव
नए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने शुक्रवार से कांग्रेस भवन में वरिष्ठ नेताओं की नई बैठने की व्यवस्था लागू कर दी।
मुख्य परिवर्तन इस प्रकार हैं:
- सूर्यकांत धस्माना के कमरे में अब चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह बैठेंगे।
- चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, निवर्तमान अध्यक्ष व सीडब्ल्यूसी के आमंत्रित सदस्य करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत—इन सभी के लिए महिला कांग्रेस के पुराने कमरे में नया बैठने का स्थान तय किया गया है।
महिला कांग्रेस को उनका पुराना ऑफिस फिर से आवंटित कर दिया गया है। कांग्रेस भवन में सभी वरिष्ठ नेताओं की नई नेम प्लेट भी लगा दी गई है।
नेताओं की उपस्थिति पर जोर
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उम्मीद जताई है कि सभी वरिष्ठ नेता नियमित रूप से कांग्रेस भवन में बैठेंगे। उनका कहना है कि: “यदि बड़े नेता मुख्यालय में नियमित बैठें, तो न केवल संगठन की गतिविधियाँ बढ़ेंगी बल्कि 2027 का चुनावी लक्ष्य भी मजबूत होगा।”
पार्टी प्रवक्ता शीशपाल बिष्ट ने बताया कि गोदियाल की प्राथमिकता है कि चुनाव की तैयारियों में कोई कमी न रहे।
संगठनात्मक एकजुटता का संदेश
कांग्रेस के अंदरूनी समन्वय और एकजुटता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह बड़ा बदलाव किया गया है। नेतृत्व का मानना है कि इससे वरिष्ठ पदाधिकारियों की जवाबदेही तय होगी, संगठन में पारदर्शिता बढ़ेगी, और पार्टी के फ्रंट ऑर्गनाइजेशनों में समन्वय बेहतर होगा।
फ्रंट ऑफिसों में क्रमवार बदलाव किए जा रहे हैं—चुनाव प्रबंधन समिति, प्रचार समिति, और अन्य संगठनों को नये कमरे आवंटित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उपाध्यक्षों और महामंत्रियों की जिम्मेदारियाँ भी बढ़ाई जा रही हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस बदलाव को सकारात्मक कदम बताते हुए कहा है कि इससे मुख्यालय में सक्रियता बढ़ेगी और वरिष्ठ नेताओं की नियमित उपस्थिति से संगठनात्मक ऊर्जा भी लौटेगी। कुछ कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह निर्णय पार्टी को 2027 के चुनावों की दिशा में एकजुट और तैयार स्थिति में लाने में मदद करेगा।
आगे क्या होगा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब कांग्रेस मुख्यालय में नियमित बैठकें, समीक्षा सत्र और चुनाव रणनीति पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
गणेश गोदियाल ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में संगठनात्मक पुनर्गठन और तेज़ गति से आगे बढ़ेगा।







