
देहरादून। देहरादून में बेसिक शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित काउंसलिंग के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब काउंसलिंग के लिए बुलाए गए सैकड़ों अभ्यर्थियों में से कई की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। मयूर विहार स्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पहुंचे अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग पर अव्यवस्था और भ्रम की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। अभ्यर्थियों का कहना था कि विधिवत सूचना के बावजूद मौके पर पहुंचने के बाद उनकी काउंसलिंग नहीं हुई, जिससे तनावपूर्ण माहौल बन गया और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में बेसिक शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में सभी जनपदों में काउंसलिंग आयोजित की जा रही है। देहरादून जिले में भी इस प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों को बुलाया गया, लेकिन अपेक्षा से अधिक उपस्थिति के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई।
आधिकारिक जानकारी
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को बताया कि संभावित अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए रिक्त पदों से अधिक संख्या में उम्मीदवारों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। हालांकि इस बार लगभग सभी अभ्यर्थी उपस्थित हो गए, जिसके चलते मेरिट सूची में ऊपर स्थान पाने वाले उम्मीदवारों की ही काउंसलिंग संभव हो सकी। अधिकारियों के अनुसार पूरी प्रक्रिया मेरिट के आधार पर संचालित की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें काउंसलिंग के लिए बुलाए जाने के बाद बिना प्रक्रिया के लौटना पड़ा, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी हुई। कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव में भ्रम की स्थिति बनी और इसी कारण विरोध दर्ज कराना पड़ा।
आंकड़े / तथ्य
प्रदेश स्तर पर 1670 बेसिक शिक्षक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसके लिए कुल 61,861 आवेदन प्राप्त हुए हैं। देहरादून जिले में 97 रिक्त पदों के सापेक्ष 2,813 आवेदन आए थे। संभावित अनुपस्थिति को देखते हुए 200 से अधिक अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया, लेकिन सभी के पहुंचने से कई उम्मीदवारों की काउंसलिंग नहीं हो सकी।
आगे क्या होगा
दस्तावेजों की स्क्रूटनी और शैक्षिक गुणांक के आधार पर तैयार मेरिट सूची के अनुसार काउंसलिंग पूरी होने के बाद भर्ती का अंतिम चरण संपन्न किया जाएगा। विभाग का कहना है कि प्रक्रिया पूर्ण होते ही विद्यालयों में रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिससे लंबे समय से खाली पद भरने के साथ छात्रों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सकेगा।







