
देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हवा की गुणवत्ता पिछले कुछ दिनों में तेजी से बिगड़ी है। तापमान गिरने और कोहरे की वृद्धि के बीच शहर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 तक पहुंच गया, जो कानपुर, पटना और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों से भी अधिक दर्ज किया गया। लगातार खराब होती हवा ने विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन दोनों को चिंता में डाल दिया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून को अब तक स्वच्छ और शुद्ध हवा वाले शहर के रूप में जाना जाता था, लेकिन बदलते मौसम और प्रदूषण के स्रोतों ने इस पहचान को चुनौती दी है। दिवाली के बाद जहां AQI 70–80 के बीच बना हुआ था, वहीं अब अचानक प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ गया है। विशेष रूप से रात के समय हालात अधिक खराब सामने आ रहे हैं।
आधिकारिक जानकारी
दून विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार मंगलवार देर रात शहर का AQI 300 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। बुधवार रात भी यह स्तर 210 तक बना रहा। प्रशासन की ओर से औपचारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है और अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम धुंध के साथ बदली हवा में अब घुटन महसूस होने लगी है। कुछ व्यापारियों ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण के कारण ग्राहकों की सुबह की आवाजाही प्रभावित हो रही है और लोगों को मास्क लगाने की जरूरत पड़ रही है।
विशेषज्ञ की टिप्पणी
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में तेजी से गिरावट, कोहरा और स्थिर हवाएं प्रदूषकों को जमीन के करीब रोक देती हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति रही तो बच्चों, बुजुर्गों और दमा के मरीजों के लिए खतरा बढ़ सकता है।
नंबर / डेटा
— मंगलवार रात अधिकतम AQI: 300
— बुधवार सुबह औसत AQI: 140+
— प्रयागराज AQI: 130
— कानपुर AQI: 114
— पटना AQI: 106
इन आंकड़ों से साफ है कि देहरादून की हवा फिलहाल कई बड़े महानगरों से खराब स्थिति में है।
आगे क्या?
पर्यावरण विभाग प्रदूषण के अचानक बढ़ने के कारणों की जांच कर रहा है। उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कंट्रोल उपायों की घोषणा करेगा, जिसमें यातायात नियंत्रण, खुले में कचरा जलाने पर रोक और निगरानी बढ़ाने जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। स्थिति का औपचारिक आकलन आने वाले दिनों में किया जाएगा।







