
देहरादून: राजधानी में ऑनलाइन टैक्सी सेवाओं के बढ़ते चलन के बीच एग्रीगेटर लाइसेंस की आड़ में प्राइवेट वाहन चलाने का मामला सामने आया है। चारपहिया और दोपहिया (रैपिडो) सेवा संचालित करने वाली कंपनियां अब सफेद नंबर प्लेट वाले निजी वाहन भी चला रही हैं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। परिवहन विभाग ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की जांच शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दून में यात्रियों की सुविधा के लिए परिवहन विभाग ने कुछ कंपनियों को एग्रीगेटर लाइसेंस जारी किए हैं, जिसके तहत केवल कमर्शियल (पीली नंबर प्लेट) वाहन ही चलाए जा सकते हैं। लेकिन जांच में पाया गया कि कई ऑनलाइन कंपनियां प्राइवेट वाहनों (सफेद नंबर प्लेट) का उपयोग कर रही हैं। यह न केवल लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है।
राजस्व और सुरक्षा पर असर
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, निजी वाहनों के संचालन से राज्य सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व नुकसान हो रहा है। साथ ही, इन वाहनों का कोई व्यावसायिक बीमा या सरकारी रजिस्ट्रेशन नहीं होता, जिससे हादसे की स्थिति में यात्रियों को कोई कानूनी सुरक्षा नहीं मिलती।
आरटीओ प्रशासन ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग साइटों की जांच शुरू कर दी गई है और बुकिंग डेटा की निगरानी की जा रही है ताकि गलत तरीके से संचालित वाहनों पर सीधी कार्रवाई हो सके।
ब्ला-ब्ला एप के जरिए बुकिंग का जाल
परिवहन विभाग के अनुसार, ब्ला-ब्ला एप के जरिए प्राइवेट वाहन चालक यात्रियों को एक राज्य से दूसरे राज्य तक लाने-ले जाने का काम कर रहे हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह गैरकानूनी है। अधिकारियों ने कहा कि इन वाहनों के जरिए न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि यात्रियों की जान जोखिम में डाली जा रही है।
विशेष दिनों में किराया 50% तक बढ़ाया जा रहा है
लाइसेंस की शर्तों के अनुसार, एग्रीगेटर कंपनियां किराये में अधिकतम 20-25% की बढ़ोतरी कर सकती हैं।
लेकिन जांच में पाया गया कि रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म्स विशेष अवसरों या भीड़भाड़ वाले दिनों में किराया 50% तक बढ़ा देते हैं, जो स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है। इस पर भी आरटीओ ने निगरानी बढ़ा दी है और ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
आरटीओ ने जारी किया शिकायत नंबर
आरटीओ प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शिकायत नंबर – 0135-2743432 जारी किया है।
यदि कोई यात्री रैपिडो या किसी ऐप बुकिंग पर प्राइवेट (सफेद नंबर प्लेट) वाहन भेजे जाने की स्थिति में शिकायत करना चाहता है, तो वह वाहन नंबर सहित इस नंबर पर सूचना दे सकता है।
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने कहा —
“एग्रीगेटर लाइसेंस की आड़ में चल रहे प्राइवेट वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह न केवल लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। विभाग ने ऑनलाइन बुकिंग डेटा की जांच शुरू कर दी है।”






