
काठगोदाम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की जनसांख्यिकीय संरचना बदलने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देंगे। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों पर निवास और राशन कार्ड बनवाने वालों के खिलाफ सख्त जांच की बात कही और अवैध कब्ज़ों पर चल रहे अभियान को जारी रखने का आश्वासन दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
हाल के महीनों में प्रदेश में अवैध कब्ज़ों, फर्जी दस्तावेज़ों और संवेदनशील क्षेत्रों में अनियमित निर्माण को लेकर चिंता व्यक्त की जाती रही है।
सरकार लगातार ऐसे मामलों की पहचान कर कार्रवाई का दावा कर रही है। इसी क्रम में सीएम धामी ने काठगोदाम में अपना रुख स्पष्ट किया।
सीएम धामी के प्रमुख बयान
काठगोदाम स्थित सीआरपीएफ कैंप में आयोजित पूर्व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक संगठन, उत्तराखंड के वार्षिक सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कुछ लोग फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर मूल निवासी होने का दावा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि— “उत्तराखंड की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।”
सीएम के अनुसार—
• कई घुसपैठियों ने फर्जी कागजों पर राशन कार्ड, निवास प्रमाणपत्र बनवा लिए हैं।
• सरकार इन सभी दस्तावेजों की एक–एक करके जांच करा रही है।
• अवैध कब्जों के लिए नीली, पीली और हरी चादर बिछाकर जमीन घेरने की कोशिशें सामने आई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसे 550 धार्मिक स्थलों की पहचान कर उन्हें हटाया गया है और भूमि को वापस सरकारी कब्जे में लिया गया है।
उन्होंने कहा कि कब्जा मुक्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
दंगों पर सख्ती की चेतावनी
सीएम धामी ने कहा कि हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में दंगे के दौरान पुलिस और प्रशासन पर हमले किए गए थे।
उन्होंने दोहराया कि— “जो भी दंगा करेगा, उससे नुकसान की भरपाई करवाई जाएगी।”
साथ ही उन्होंने गोरक्षा कानून, सीमावर्ती जिलों की संवेदनशीलता और UCC लागू होने के महत्व का उल्लेख किया।
अर्धसैनिक बलों के परिवारों के लिए राहत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि— पैरामिलिट्री जवानों के शहीद होने पर उनके परिवार को अब 10 लाख की जगह 50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार अर्धसैनिकों के योगदान और त्याग को सर्वोच्च सम्मान देती है और उनके परिवारों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व अर्धसैनिक कर्मियों ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि अवैध कब्ज़ों पर कार्रवाई और फर्जी दस्तावेज़ों की जांच की घोषणा से कई क्षेत्रों में बढ़ रही चिंताओं को कम किया जा सकेगा।
आगे क्या?
सरकार ने संकेत दिया है कि फर्जी दस्तावेज़ों की जांच और अवैध निर्माण पर कार्रवाई और तेज होगी। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया जाएगा, ताकि संवेदनशील इलाकों में निगरानी मजबूत हो सके।





