
छिद्दरवाला, ऋषिकेश: छिद्दरवाला क्षेत्र में कांग्रेस ने चौपाल लगाकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की। नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा गरीब मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर रही है और मनरेगा योजना को धीरे-धीरे समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की लंबित मजदूरी का तत्काल भुगतान नहीं हुआ, तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
मनरेगा को ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी योजना माना जाता है। क्षेत्र में मजदूरी भुगतान में देरी और रोजगार के अवसर घटने को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है, जिसे लेकर कांग्रेस ने चौपाल के माध्यम से सरकार को घेरा।
आधिकारिक जानकारी
चौपाल के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर मजदूरों को समय पर मेहनताना नहीं मिल पा रहा है। नेताओं ने मनरेगा से जुड़े भुगतान तंत्र में सुधार की मांग की।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला ने कहा कि मनरेगा योजना देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी थी, लेकिन गलत नीतियों और जनविरोधी फैसलों के कारण आज यह योजना कागजों तक सीमित होती जा रही है।
जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल और ब्लॉक अध्यक्ष गोकुल रमोला ने कहा कि रोजगार के अभाव में गांवों की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है।
चेतावनी और मांग
कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने मजदूरी का तत्काल भुगतान सुनिश्चित नहीं किया, तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से मनरेगा भुगतान प्रक्रिया को तेज करने की मांग की।
आगे क्या होगा
कांग्रेस के अनुसार, मांगें पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी और इसे जन-जन तक ले जाया जाएगा। वहीं प्रशासन की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।







