
देहरादून: चारधाम यात्रा और बढ़ते पर्यटन सीजन को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अगले माह से शुरू हो रही यात्रा के मद्देनजर राज्य में रोजाना 2650 कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन व्यवसाय प्रभावित न हो।
तेल कंपनियों को जारी हुई SOP
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव आनंद स्वरूप की ओर से इस संबंध में एसओपी जारी की गई है। इसके तहत आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल जैसी तेल व गैस कंपनियां राज्य में नियमित रूप से सिलेंडरों की सप्लाई सुनिश्चित करेंगी और इसकी जानकारी जिलाधिकारियों को देंगी।
पर्यटन और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक एलपीजी की कमी से पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसलिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश पर अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े प्रतिष्ठानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसमें होटल, रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट, ढाबे, सरकारी गेस्ट हाउस, डेयरी यूनिट, फूड प्रोसेसिंग इकाइयां, औद्योगिक कैंटीन, होम स्टे और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिष्ठान शामिल हैं।
जिलावार तय किया गया कोटा
सरकार ने एसओपी में जिलावार एलपीजी सिलेंडरों का वितरण भी तय किया है। इसके तहत देहरादून को सबसे अधिक 31 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा, जबकि हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत आवंटन दिया गया है। अन्य जिलों में जरूरत के अनुसार 2 से 9 प्रतिशत तक सिलेंडरों का वितरण किया जाएगा।
चारधाम यात्रा से पहले मजबूत तैयारी
हर साल चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं, जिससे होटल और खानपान सेवाओं की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में सरकार की यह तैयारी पर्यटन सीजन को सुचारू बनाए रखने और किसी भी तरह की गैस किल्लत से बचने के लिए अहम मानी जा रही है।






