
देहरादून/ऋषिकेश: चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों के बीच परिवहन विभाग ने बड़ा अपडेट जारी किया है। 23 मार्च से व्यावसायिक वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड बनना शुरू हो जाएगा। इस बार विभाग ने साफ किया है कि फिटनेस जांच में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
बाहरी वाहनों के लिए 15 दिन, उत्तराखंड के लिए 6 माह वैधता
नए नियमों के तहत बाहरी राज्यों के 12 सीट से अधिक क्षमता वाले वाहनों को केवल 15 दिन का ग्रीन कार्ड मिलेगा। वहीं उत्तराखंड के वाहनों के लिए यह ग्रीन कार्ड पहले की तरह पूरे 6 महीने तक वैध रहेगा।
पूजा-अर्चना के साथ ऋषिकेश से शुरुआत
23 मार्च को ऋषिकेश में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। शुरुआत में उत्तराखंड के वाहनों को प्राथमिकता दी जाएगी।
ट्रिप कार्ड से हर यात्री की जानकारी होगी दर्ज
ग्रीन कार्ड के साथ ट्रिप कार्ड भी अनिवार्य होगा, जिसमें वाहन, चालक और यात्रियों की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। इससे किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों का रिकॉर्ड तुरंत उपलब्ध हो सकेगा।
अब पर्यटक वाहनों पर भी नियम लागू
इस बार बड़ा बदलाव यह है कि केवल तीर्थयात्रियों ही नहीं, बल्कि गढ़वाल क्षेत्र में घूमने आने वाले पर्यटकों के वाहनों को भी ग्रीन कार्ड बनवाना अनिवार्य होगा।
काणाताल, केदारकांठा, चोपता, पंवालीकांठा, देवरिया ताल, हर्षिल, सतोपंत और फूलों की घाटी जैसे पर्यटन स्थलों पर जाने वाले वाहनों के लिए भी 15 दिन का ग्रीन कार्ड जरूरी होगा।
ड्राइवरों का होगा हेल्थ चेकअप
यात्रा के दौरान सभी व्यावसायिक वाहन चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। चेकपोस्टों पर मेडिकल टीम तैनात रहेगी और चालकों की आंखों की जांच भी होगी।
ऑनलाइन आवेदन और सख्त जांच
ग्रीन कार्ड के लिए वाहन मालिक को परिवहन विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। इसके लिए वाहन की आरसी, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र, टैक्स और चालक का हिल इंडोर्स ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी होगा।
वाहनों की तकनीकी और भौतिक जांच के बाद ही ग्रीन कार्ड जारी किया जाएगा।
इन जगहों पर शुरू होगी प्रक्रिया
23 मार्च से ऋषिकेश, हरिद्वार, विकासनगर के एआरटीओ कार्यालयों के साथ नारसन और आशारोड़ी चेकपोस्ट पर ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड बनाने का काम शुरू किया जाएगा।







