
देहरादून / बदरीनाथ-केदारनाथ: चारधाम यात्रा के दौरान हेली व चार्टर्ड हेलिकॉप्टर सेवाएं संचालित करने वाली एविएशन कंपनियों पर बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का करीब तीन करोड़ रुपये बकाया हो गया है। मंदिर समिति की ओर से हेलिकॉप्टर से आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष दर्शन कराए जाते हैं, जिसके एवज में कंपनियों से शुल्क लिया जाता है।
समिति का आरोप है कि दर्शन सुविधा उपलब्ध कराने के बावजूद कई कंपनियों ने शुल्क का भुगतान नहीं किया, जिससे बकाया राशि बढ़कर तीन करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेलिकॉप्टर सेवा के माध्यम से केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पहुंचते हैं। इन श्रद्धालुओं को मंदिर समिति द्वारा व्यवस्थित और प्राथमिकता दर्शन की सुविधा दी जाती है।
इसके बदले एविएशन कंपनियों से निर्धारित शुल्क लिया जाता है, लेकिन भुगतान लंबित रहने से मंदिर समिति को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ हेली कंपनियां अब संचालन भी बंद कर चुकी हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 15 दिन के भीतर हेली सेवा संचालित करने वाली कंपनियों को विधिक नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि की वसूली ब्याज समेत की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए हेली सेवा से आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शन को लेकर नई एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार की जाएगी।
आगे क्या
मंदिर समिति की ओर से कानूनी प्रक्रिया शुरू होने के संकेत हैं। यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं होता, तो आगे सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
चारधाम यात्रा से जुड़े इस वित्तीय विवाद पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।






