
चंपावत: लोहाघाट–घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार रात हुए दर्दनाक हादसे—जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई और पांच घायल हुए—के बाद प्रशासन ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस ने नशे में वाहन चलाने और लापरवाही की पुष्टि होने पर बोलेरो चालक को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
यह खबर हाल ही में Rishikesh News पर प्रकाशित उस दर्दनाक दुर्घटना का फॉलो-अप है, जिसमें शादी समारोह से लौट रही बोलेरो अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। वाहन में चालक सहित 10 लोग सवार थे। दुर्घटना में मां–बेटे सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
अधिकारीक जानकारी
जिला प्रशासन ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए उपजिलाधिकारी लोहाघाट को मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को राहत राशि प्रदान की है और भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लगाने के लिए सुरक्षित ड्राइविंग की अपील की है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बोलेरो चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था। दूल्हे के भाई की तहरीर पर चालक के खिलाफ बीएनएस की धारा 281 सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाने, धारा 125A गलत जानकारी देने, धारा 125B जल्दबाजी या लापरवाही से जीवन को खतरे में डालने और धारा 106 में लापरवाही से मृत्यु कारित करने के मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपी चालक देवदत्त (38) निवासी सल्ला भाटकोट, सेराघाट, पिथौरागढ़ को गिरफ्तार कर लिया है। चालक ने पूछताछ में दावा किया कि उसने आगे से आते वाहन को बचाने के प्रयास में नियंत्रण खो दिया, लेकिन पुलिस आरोपों की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच भी कर रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
घटना के बाद से किलोटा और आसपास के गांवों में शोक का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रात शादी की खुशियां मनाई जा रही थीं, कुछ ही घंटों में पूरा क्षेत्र गम में डूब गया। कई लोगों ने कहा कि पहाड़ी मार्गों पर नशे में ड्राइविंग किसी भी स्थिति में माफ नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएं और कोई भी कमी न रहने दी जाए।
आगे की स्थिति
मजिस्ट्रेटी जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। पुलिस हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है, जिसमें वाहन की तकनीकी स्थिति, चालक की नशे की पुष्टि और घटना स्थल के भौतिक विश्लेषण को शामिल किया जाएगा। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाने वालों से नियमों और गति सीमा का पालन करने की अपील की है।







