
चमोली: चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार से शुरू हुआ वनाग्नि का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और कई जंगल दो दिनों से अधिक समय से धधक रहे हैं। बुधवार को होली के दिन भी कई क्षेत्रों के जंगलों में आग लगी रही, जिससे पूरे इलाके में धुएं के बादल छा गए। धुएं के कारण ग्रामीणों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर आग अब जंगलों से निकलकर आबादी की ओर बढ़ने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नारायणबगड़ ब्लॉक के जाख-कडा़कोट, बेड़गांव, मानूर, तलासेरा और टेंटुड़ा क्षेत्रों के जंगल बुधवार को दिनभर जलते रहे। इसके अलावा उत्तरी कडा़कोट पट्टी के सुनभी और भटियाणा क्षेत्र के जंगलों में भी आग लगने की खबरें सामने आई हैं।
कपीरी पट्टी के ग्राम पंचायत कंडारा और आसपास के जंगलों में लगी आग से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंचने की बात सामने आ रही है। क्षेत्र के पूर्व प्रधान कुसुम कंडारी और पदमेंद्र कंडारी का कहना है कि दो दिनों से लगातार जंगल जल रहे हैं और अब आग कई जगहों पर विकराल रूप लेती जा रही है।
आदिबदरी क्षेत्र के आसपास के जंगल भी दूसरे दिन तक जलते रहे। वहीं बरतोली गांव के जंगल में लगी आग को बुझाने के लिए गांव की महिलाएं खुद आगे आईं और आग पर काबू पाने की कोशिश करती रहीं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
वन विभाग की ओर से वनाग्नि रोकथाम के लिए अभियान चलाने की बात कही जा रही है, लेकिन क्षेत्र में पर्याप्त इंतजाम न होने को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
वन क्षेत्राधिकारी अखिलेश भट्ट ने बताया कि कंडारा क्षेत्र के जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए विभागीय कर्मचारियों को तुरंत मौके पर भेजा जा रहा है और आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगलों में लगी आग और लगातार उठ रहे धुएं से गांवों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक मवेशियों के लिए चारापत्ती और अन्य वन उत्पाद लाने में भी दिक्कत आ रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता विजयेश नवानी का कहना है कि पिछले दो दिनों से जंगलों में लगी आग और धुएं के कारण सांस के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। उनका आरोप है कि वन विभाग की ओर से आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर वनाग्नि को नियंत्रित करने के निर्देश देने की मांग की है।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जंगलों में लग रही आग को जल्द नियंत्रित किया जाए और ग्राम प्रहरियों व वन सरपंचों को सक्रिय कर निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि आग आबादी वाले क्षेत्रों तक न पहुंचे।
यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो आने वाले दिनों में जंगलों के साथ आसपास के गांवों के लिए भी खतरा बढ़ सकता है।
Rishikesh News आगे भी इस मामले की अपडेट देता रहेगा।
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