
चमोली में गुरुवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में एनएचआईडीसीएल, बीआरओ और रेल विकास निगम से संबंधित भूमि अधिग्रहण, वन भूमि हस्तांतरण और सड़क चौड़ीकरण के लंबित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। डीएम ने विभागों को लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चमोली जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल परियोजनाओं और सड़क चौड़ीकरण कार्यों से जुड़े कई प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं। भूमि अधिग्रहण, वन भूमि हस्तांतरण और म्यूटेशन जैसे मामलों में देरी से निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। इसी क्रम में इन मुद्दों पर प्रगति की समीक्षा के लिए यह बैठक बुलाई गई।
डीएम के निर्देश: त्वरित निस्तारण जरूरी
बैठक में जिलाधिकारी गौरव कुमार ने स्पष्ट कहा कि—
- भूमि हस्तांतरण से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण किया जाए
- आर्बिट्रेशन से जुड़े मामलों में दिए गए निर्णयों पर तुरंत कार्रवाई की जाए
- तहसीलों से समन्वय कर म्यूटेशन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए
उन्होंने कहा कि विभागों के बीच बेहतर तालमेल विकास परियोजनाओं की गति बढ़ाने में महत्वपूर्ण है।
NH-07 नन्दप्रयाग–चमोली मार्ग की समीक्षा
डीएम ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर नन्दप्रयाग से चमोली के मध्य चाड़ा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के शेष कार्य की समीक्षा की।
उन्होंने एनएचआईडीसीएल को निर्देश दिए कि—
- एसडीएम के समन्वय से कार्य पूरा किया जाए
- कटिंग के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए
- डंपिंग ज़ोन पर सुरक्षा दीवार का निर्माण और स्थल का समतलीकरण जल्द किया जाए
अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, बीआरओ के मेजर प्रतीक काले, बदरीनाथ वन प्रभाग के एसडीओ जुगल किशोर, केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के एसडीओ मोहन सिंह उपस्थित रहे। उपजिलाधिकारी चमोली राजकुमार पांडेय और उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ठ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और वन भूमि से जुड़े प्रकरणों के जल्द निपटान से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, खासकर पर्यटन और आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से।
आगे क्या
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परियोजनाओं की प्रगति नियमित समीक्षा के तहत रहेगी और जिन विभागों में देरी पाई जाएगी, उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा जाएगा। लक्ष्य है कि सभी अवशेष कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे किए जाएं।





