
देहरादून: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूकंप पूर्व चेतावनी को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भूदेव मोबाइल एप के अनिवार्य उपयोग का निर्देश जारी किया है। सचिव, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी विभागों से अपने अधिकारियों-कर्मचारियों को यह ऐप इंस्टॉल कराने और आम जनता को भी इसके प्रति जागरूक कर डाउनलोड करवाने को कहा। भूदेव ऐप भूकंप आने से कुछ सेकंड पहले अलर्ट जारी करने में सक्षम है, जिससे जनहानि को काफी हद तक रोका जा सकता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
उत्तराखंड संवेदनशील भूकंपीय जोन में आता है, जहां भूकंप की घटनाएं समय-समय पर चिंता का कारण रही हैं। राज्य सरकार लंबे समय से आपदा प्रबंधन प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर देती रही है। इसी कड़ी में भूदेव ऐप को विकसित किया गया है, ताकि आम नागरिकों को भूकंप से ठीक पहले चेतावनी देकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने का अवसर मिल सके।
आधिकारिक जानकारी
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव ने कहा कि भूदेव ऐप भूकंपीय गतिविधि का शुरुआती कंपन दर्ज होते ही तत्काल अलर्ट जारी कर देता है। यह अलर्ट कुछ सेकंड पहले मिल जाता है, जो आपात स्थिति में जीवन बचाने में बेहद सहायक साबित हो सकता है। ऐप में दैनिक भूकंपीय गतिविधियों की जानकारी, लोकेशन-आधारित इंटरैक्टिव मानचित्र और एसओएस के माध्यम से अपनी लाइव लोकेशन साझा करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
जिला प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के फोन में ऐप इंस्टॉल करवाएं और जनता को भी इसके महत्व के बारे में जागरूक करें। प्रशासन का कहना है कि जितने अधिक लोग यह ऐप इंस्टॉल करेंगे, उतना ही बेहतर सामुदायिक सुरक्षा नेटवर्क तैयार हो सकेगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस ऐप को उपयोगी बताते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है, ऐसे में समय पर चेतावनी जीवन रक्षक साबित हो सकती है। आम लोगों का भी कहना है कि अगर यह ऐप सही समय पर अलर्ट देता है, तो इससे पहाड़ी इलाकों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित निकासी में बड़ी मदद मिलेगी।
विशेष टिप्पणी
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का मानना है कि जापान और मेक्सिको जैसे भूकंप-प्रवण देशों में अर्ली वार्निंग सिस्टम ने नुकसान को काफी कम किया है। भूदेव जैसे ऐप तकनीक आधारित सुरक्षा को आम जनता तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
आगे क्या
राज्य सरकार आने वाले दिनों में ऐप को और उन्नत करने की योजना पर काम करेगी। प्रशासन सामाजिक संगठनों और स्थानीय निकायों के माध्यम से व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐप को डाउनलोड कर सकें। भविष्य में इसे सायरन सिस्टम और जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष से भी जोड़े जाने पर विचार किया जा रहा है।




