
बेरीनाग: पिथौरागढ़ जिले के चौसाला गांव में बुधवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक गौशाला में अचानक लगी आग में अंदर सो रहा युवक जलकर मृत पाया गया। घटना की जानकारी सुबह मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फॉरेंसिक टीम आग के कारणों की जांच में जुटी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चौसाला क्षेत्र दूरस्थ और पहाड़ी इलाका है, जहाँ पशुपालन ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा है। आमतौर पर लोग रात में पशुओं की देखभाल के लिए गौशाला के पास मौजूद रहते हैं। बुधवार रात हुई यह घटना पूरे इलाके में सदमे का कारण बनी।
आधिकारिक जानकारी
थल थाना प्रभारी प्रकाश पांडे के अनुसार, गौशाला गोविंद राम पुत्र बहादुर राम की थी, जिसमें घास और लकड़ी बड़ी मात्रा में रखी हुई थी। बुधवार देर रात किसी अज्ञात कारण से वहां आग लग गई। सुबह गोविंद राम ने जल चुकी गौशाला को देखा और अंदर अधजला शव मिलने की सूचना पुलिस को दी।
फॉरेंसिक टीम पिथौरागढ़ से मौके पर पहुँची और घटनास्थल से नमूने व प्रारंभिक साक्ष्य एकत्र किए।
शव की शिनाख्त और घटना क्रम
घटना के दौरान गांव के ही नारायण राम अपने छोटे भाई केशर राम (38) की तलाश कर रहे थे। जब वे मौके पर पहुँचे, तो उन्होंने अधजले शव की पहचान अपने भाई के रूप में की। माना जा रहा है कि रात को घर लौटने में देर होने के कारण केशर राम गौशाला में ही सो गया था।
आग इतनी भयावह थी कि युवक का शरीर बुरी तरह जल चुका था और केवल जले हुए अवशेष ही मिले।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के उतार-चढ़ाव और गौशाला में रखी सूखी घास के कारण अक्सर आग का खतरा रहता है। ग्रामीणों ने सुरक्षा उपायों और जांच को तेज करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि देर रात हुए हादसे ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।
जांच और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आग लगने के पीछे विद्युत त्रुटि, चिंगारी या मानवीय चूक की संभावना पर भी जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के बाद आग के कारणों पर स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।






