
ऋषिकेश: बापूग्राम भूमियाल देवता मंदिर के समीप बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति की ओर से आयोजित जनसभा में स्थानीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने शिरकत की। जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा कि बापूग्राम क्षेत्र में बिजली, पानी, सीवर लाइन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्य उनकी देन हैं और ये कार्य किसी भी स्थिति में बंद नहीं होंगे। उन्होंने क्षेत्रीय जनता को भरोसा दिलाया कि सभी योजनाओं का लाभ आगे भी मिलता रहेगा और कोई भी काम अवरुद्ध नहीं होने दिया जाएगा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बापूग्राम क्षेत्र इन दिनों सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक वाद को लेकर चर्चा में है। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि दशकों से आबाद बस्ती को अतिक्रमण बताकर उजाड़ने की कोशिश की जा रही है। इसी को लेकर बापूग्राम बचाओ संघर्ष समिति लगातार जनआंदोलन कर रही है।
जनसभा में जनता का आक्रोश
जनसभा में मौजूद आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने कहा कि यह विडंबना है कि जिस बस्ती को सरकार ने स्वयं बसाया, जहां बीते 60–70 वर्षों से बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, अस्पताल, राशन कार्ड और वोटर आईडी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, आज उसी जनता को अतिक्रमणकारी घोषित किया जा रहा है। लोगों ने इसे सामाजिक अन्याय बताया और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर प्रतिक्रिया
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। लोगों को उम्मीद थी कि राज्य सरकार न्यायालय में मजबूती से यह पक्ष रखेगी कि यह बस्ती आज़ादी के समय से अस्तित्व में है, लेकिन इसके विपरीत सरकार के वकील ने तोड़फोड़ की कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
न्यायालय की टिप्पणी और राहत
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए अधिकारियों से पूछा कि सरकार पिछले 23 वर्षों से क्या कर रही थी। न्यायालय ने फिलहाल अंतरिम राहत देते हुए यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। हालांकि, जनता का कहना है कि सरकार की मंशा को लेकर आशंका बनी हुई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने घरों और बस्ती को उजड़ने नहीं देंगे। उनका मानना है कि यह केवल जमीन का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों के जीवन और भविष्य से जुड़ा सवाल है।
आगे क्या होगा
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं विधायक की ओर से विकास कार्यों के जारी रहने का भरोसा दिए जाने के बाद अब सभी की निगाहें सरकार और न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हैं।







