
देहरादून। बंजारावाला क्षेत्र में टूटी सड़कों और लंबे समय से अधूरे पड़े विकास कार्यों से परेशान लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। स्थानीय निवासियों ने उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी पर काम में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता के आरोप लगाए। पार्षद के नेतृत्व में लोग कन्हैया विहार स्थित एजेंसी कार्यालय पहुंचे और धरना दिया, जबकि कुछ लोग ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए। स्थिति तब नियंत्रित हुई जब एसडीएम सदर मौके पर पहुंचे और जांच व समाधान का आश्वासन दिया। यह मामला क्षेत्र में बुनियादी ढांचे की बदहाली और जवाबदेही के सवालों को सामने लाता है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बंजारावाला में पिछले करीब चार वर्षों से कई सड़कों की हालत खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़कों पर पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। आरोप है कि जहां-जहां काम शुरू किया गया, उसे बीच में छोड़ दिया गया, जिससे क्षेत्र में धूल, गड्ढे और जलभराव जैसी समस्याएं बनी रहीं।
आधिकारिक जानकारी
प्रदर्शन के दौरान दोपहर करीब 12 बजे जोगेंद्र रावत और वसीम सहित लगभग छह लोग ओवरहेड टैंक पर चढ़ गए, जिससे प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मच गया। करीब पांच घंटे बाद एसडीएम सदर हरिगिरी मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों की शिकायतें सुनीं और एजेंसी द्वारा कराए गए कार्यों की जांच कराने, रुके कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोग टंकी से नीचे उतरे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि एजेंसी की ओर से किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है और समय पर काम पूरे नहीं किए जा रहे। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही, जिससे मजबूर होकर उन्हें उग्र कदम उठाने पड़े।
आंकड़े / तथ्य
स्थानीय निवासियों के अनुसार क्षेत्र की सड़कें लगभग चार वर्षों से खराब हैं। प्रदर्शन के दौरान करीब छह लोग ओवरहेड टैंक पर चढ़े और लगभग पांच घंटे तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
आगे क्या होगा
एसडीएम ने बताया कि मंगलवार को एसडीएम कार्यालय में बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें चार सदस्यीय स्थानीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कार्यदायी संस्था उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी के अधिकारियों को बुलाया गया है, ताकि आमने-सामने बातचीत कर समस्याओं का समाधान निकाला जा सके।





