
पौड़ी गढ़वाल: यमकेश्वर ब्लॉक के बैरागढ़ गांव में कुत्ता काटली गदेरे से लगातार बढ़ते खतरे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि 10 अप्रैल तक खनन, सफाई और सुरक्षा दीवार निर्माण की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे 20 अप्रैल से लक्ष्मणझूला स्थित डीएम कैंप कार्यालय पर भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यह मुद्दा इसलिए गंभीर है क्योंकि वर्षों से आ रही आपदाओं के चलते किसानों की जमीन, मकान और गांव की सुरक्षा सीधे खतरे में है।
मामले की अहमियत
कुत्ता काटली गदेरा बैरागढ़ गांव के लिए लंबे समय से संकट का कारण बना हुआ है। गदेरे में जमा मलबा और तेज बहाव बारिश के समय गांव की ओर मुड़ जाता है, जिससे कृषि भूमि और आवासीय भवनों को नुकसान पहुंचता है। समय रहते स्थायी समाधान न होने से हर मानसून में आपदा का खतरा बना रहता है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
ग्राम पंचायत सिंदुड़ी के पूर्व प्रधान अरुण जुगलान के अनुसार, वर्ष 2014-2015 से ग्रामीण लगातार आपदाओं का दंश झेल रहे हैं। वर्ष 2022 में आई आपदा के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर करीब 200 मीटर आरसीसी दीवार लगाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद 2024-2025 की आपदा में भी सुरक्षा दीवार निर्माण का भरोसा दोहराया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ।
आधिकारिक जानकारी
ग्रामीणों ने बताया कि कुत्ता काटली गदेरे में मलबा भर जाने से पानी और मलबा सीधे गांव की ओर आता है। समाधान के लिए तीन से पांच मीटर तक गदेरे का खनन, समुचित सफाई और करीब 300 मीटर लंबी आरसीसी सुरक्षा दीवार के निर्माण की मांग की गई है। इस संबंध में पौड़ी जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को ज्ञापन भेजे जा चुके हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल आश्वासन मिलते हैं, लेकिन काम नहीं होता। किसानों की फसलें बर्बाद होती हैं और मकानों पर खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अब आंदोलन के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है।
विशेषज्ञ की राय
आपदा प्रबंधन से जुड़े जानकारों का मानना है कि गदेरे का वैज्ञानिक ढंग से खनन और सुरक्षा दीवार निर्माण न होने पर समस्या और गंभीर होती जाएगी। समय पर हस्तक्षेप से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।
आंकड़े और तथ्य
- आपदा की समस्या 2014-2015 से लगातार बनी हुई है।
- वर्ष 2022 और 2024-2025 में बड़ी आपदाएं दर्ज की गईं।
- ग्रामीणों की मांग 300 मीटर आरसीसी दीवार और गदेरे का 3–5 मीटर खनन है।
आगे क्या होगा
ग्रामीणों ने 10 अप्रैल तक समाधान की समय-सीमा तय की है। मांगें पूरी न होने पर 20 अप्रैल से डीएम कैंप कार्यालय पर भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।







