
कीर्ति नगर: कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत बैजवाड़ी में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां आग की सूचना पर गांव पहुंचे देहरादून तैनात पुलिस जवान राजेंद्र सिंह पगडंडी से फिसलकर लगभग 50 मीटर नीचे सड़क पर जा गिरे। सिर में पत्थर लगने से वह बेहोश हो गए और अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से गांव में शोक की लहर है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
गुरुवार का दिन बैजवाड़ी गांव के लिए दोहरी त्रासदी लेकर आया। बुधवार आधी रात राजेंद्र सिंह के पैतृक मकान में अचानक आग लग गई थी, जिससे घर में रखा भोजन, कपड़े, बर्तन, जेवर और अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना पर दमकल विभाग और स्थानीय लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाया। इस सूचना के बाद देहरादून में तैनात राजेंद्र सिंह तुरंत गांव पहुंचे ताकि अपने परिवार को सहारा दे सकें।
आधिकारिक जानकारी
ग्रामीण उम्मेद सिंह के अनुसार, गुरुवार रात करीब 8 बजे राजेंद्र सिंह पगडंडी से अपने चाचा के घर जा रहे थे, तभी पैर फिसल जाने से वे लगभग 50 मीटर नीचे सड़क पर गिर गए। गिरते समय उनका सिर एक पत्थर से टकरा गया, जिससे वे बेहोश हो गए। परिजन और ग्रामीण उन्हें तुरंत बेस चिकित्सालय श्रीकोट लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस विभाग ने घटना की पुष्टि की है और इसे एक दुखद दुर्घटना बताया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गांव के लोगों का कहना है कि राजेंद्र सिंह मिलनसार और शांत स्वभाव के थे। उनकी असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को सदमे में डाल दिया है। कई ग्रामीणों ने बताया कि आग की घटना के तनाव और थकान के बीच वह जल्दी-जल्दी रास्ता पार कर रहे थे, जिससे हादसा होने की आशंका और बढ़ गई।
परिवार की स्थिति
राजेंद्र सिंह का परिवार नकरौंदा, देहरादून में रहता है। उनकी डेढ़ माह की एक बेटी है, जिसकी तस्वीरें अक्सर वे अपने साथियों और परिजनों को दिखाया करते थे। जवान की अचानक मौत से परिवार गहरे सदमे में है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
अंतिम संस्कार और सम्मान
राजेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके सेवाभाव को याद किया। विभाग ने परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
आगे क्या
पुलिस विभाग आंतरिक स्तर पर हादसे की प्रकृति की जांच कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पगडंडियों पर सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर रोशनी की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन इस दिशा में कदम उठाने पर विचार कर रहा है।






