
बागेश्वर: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। कुमाऊं मंडल की टीम ने बागेश्वर जिले के डंगोली में तैनात राजस्व उपनिरीक्षक प्रवीन सिंह टाकुली को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में राजस्व विभाग कार्यों से जुड़ी शिकायतें लंबे समय से होती रही हैं। भूमि तस्दीक और बैनामा प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं। इसी क्रम में यह नई कार्रवाई स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों को मजबूत करती है।
अधिकारिक जानकारी
शिकायतकर्ता मनोज सिंह, निवासी ग्राम स्याली, ने सतर्कता टीम को बताया कि राजस्व उपनिरीक्षक कार्य के बदले रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत की पुष्टि के बाद सतर्कता विभाग की टीम ने योजना बनाकर आरोपी को जाल में फंसा लिया।
टीम ने निर्धारित स्थान पर प्रवीन सिंह टाकुली को 5,000 रुपये की अवैध राशि लेते ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय नकदी भी बरामद की गई।
आरोपी का स्थायी पता ग्राम सूपी, तहसील कपकोट है, जबकि वर्तमान में वह बागेश्वर के मंडलसेरा क्षेत्र में रह रहे थे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
गांवों में भूमि संबंधी कार्यों के लिए कार्यालयों में चक्कर लगाने वाले ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को राहत के तौर पर देखा है।
एक ग्रामीण ने कहा, “राजस्व विभाग में फाइल आगे बढ़ाने के लिए अक्सर पैसे मांगने की शिकायतें रहती हैं। यह कार्रवाई एक सकारात्मक संदेश देती है।”
कुछ लोगों ने उम्मीद जताई कि आगे भी ऐसी कार्रवाई नियमित रूप से होनी चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।
आगे क्या होगा
सतर्कता विभाग आरोपी से पूछताछ कर रहा है। विभाग द्वारा जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राजस्व विभाग स्तर पर भी निलंबन या विभागीय जांच शुरू होने की संभावना है।






