
बदरीनाथ: कड़ाके की ठंड के चलते बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों को रोक दिया गया है। लगातार गिरते तापमान और रात में माइनस आठ से दस डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रही ठंड के कारण कार्य करना मुश्किल हो गया है। हालात को देखते हुए कार्यदायी संस्था ने सभी गतिविधियां स्थगित कर दी हैं और मजदूर धाम से लौटने लगे हैं। अब ठंड कम होने के बाद मार्च माह में ही कार्य दोबारा शुरू किए जाने की संभावना है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
कपाट बंद होने के बाद भी इस वर्ष बदरीनाथ धाम में मास्टर प्लान के कार्य जारी थे। शुरुआती दिनों में बर्फबारी न होने के कारण निर्माण एजेंसी लगातार काम में जुटी रही। हालांकि बाहरी क्षेत्रों में होने वाले सीमेंट से जुड़े कार्य ठंड के कारण पहले ही रोक दिए गए थे। धाम में करीब 50 मजदूर रीवर फ्रंट, भवन निर्माण और अन्य कार्यों में लगे हुए थे।
आधिकारिक जानकारी
ज्योतिर्मठ पीआईयू के अधिशासी अभियंता योगेश मनराल ने बताया कि बदरीनाथ धाम में तापमान लगातार गिर रहा है, जिससे कार्य करना संभव नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि मार्च तक सभी कार्य बंद कर दिए गए हैं और मौसम अनुकूल होने पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
स्थानीय / मानवीय पक्ष
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से बादल छाए रहने के कारण दोपहर में भी ठंड बढ़ गई है। ऐसे में खुले क्षेत्र में काम करना मजदूरों के लिए जोखिम भरा हो गया था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजदूरों का धाम से लौटना जरूरी कदम माना जा रहा है।
आंकड़े / तापमान स्थिति
रात के समय बदरीनाथ धाम में तापमान माइनस आठ से माइनस दस डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। दिन में भी तेज ठंड और पाले के कारण निर्माण गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं।
आगे क्या होगा
प्रशासन और कार्यदायी संस्था की योजना है कि मार्च माह में ठंड कम होने के बाद धाम की स्थिति का आकलन किया जाएगा। मौसम अनुकूल रहने पर मास्टर प्लान के कार्यों को फिर से गति दी जाएगी।







