
पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में विरोध तेज हो गया है। इसी क्रम में पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में कांग्रेस के नेतृत्व में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया, जिसमें पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। रैली के माध्यम से सरकार पर आरोप लगाया गया कि वह अंकिता भंडारी हत्याकांड में चुप्पी साधे हुए है और निष्पक्ष जांच से बच रही है। इस बीच देहरादून, रामनगर और रुद्रपुर में भी प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाले गए, जिससे जनआक्रोश और अधिक मुखर होता दिखा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है। घटना के बाद से ही इस मामले में निष्पक्ष जांच, कथित वीआईपी की भूमिका और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगातार उठते रहे हैं। समय-समय पर सामने आए ऑडियो–वीडियो और राजनीतिक बयानों के बाद यह मामला एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और आम जनमानस के बीच चर्चा में है।
श्रीनगर में कांग्रेस की विशाल रैली
श्रीनगर में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के तुरंत बाद रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर अहम सबूतों को मिटाया गया। उनका कहना था कि यदि ऐसा नहीं किया गया होता, तो मामले में शामिल कथित वीआईपी का नाम पहले ही सामने आ जाता। कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सबूत मिटाने के आरोपों को लेकर यमकेश्वर विधायक रेनू बिष्ट के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का बयान
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर लगातार नए ऑडियो और वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें कथित वीआईपी की भूमिका की ओर इशारा किया जा रहा है, लेकिन सरकार निष्पक्ष जांच कराने के बजाय उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।
गणेश गोदियाल ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार का कोई भी मंत्री खुली बहस के लिए सामने आ सकता है और कांग्रेस सभी सबूत सार्वजनिक रूप से रखने को तैयार है।
देहरादून में एनएसयूआई का प्रदर्शन
उधर, देहरादून में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे छात्र समुदाय को झकझोर दिया है और अब तक की जांच निष्पक्ष नहीं लगती। उन्होंने इस मामले की दोबारा सीबीआई जांच की मांग की।
रामनगर में कैंडल मार्च
नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के पिरूमदारा में भी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। महिलाओं, बच्चों और युवतियों ने ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी के नेतृत्व में मोमबत्तियां जलाकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
रुद्रपुर कलेक्ट्रेट में कांग्रेस का प्रदर्शन
उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट पर रोकने का प्रयास किया, जिस दौरान हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यहां भी अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
आगे क्या होगा
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे इन आंदोलनों से स्पष्ट है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जनआक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा। राजनीतिक संगठनों और छात्र संगठनों ने संकेत दिए हैं कि यदि निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





