
पौड़ी: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में एक्ट्रेस उर्मिला सनावर द्वारा कथित वीआईपी का नाम उजागर करने के दावे के बाद मामला फिर चर्चा में है। इस बीच, अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े ठोस सबूत हैं, तो उन्हें बिना देरी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड लंबे समय से प्रदेश की राजनीति और समाज में संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। समय-समय पर सामने आने वाले दावों और आरोपों के चलते यह मामला फिर-फिर चर्चा में लौट आता है। हालिया वीडियो के बाद एक बार फिर लोगों की नजरें न्यायिक प्रक्रिया और जांच पर टिक गई हैं।
आधिकारिक जानकारी
अधिकारियों की ओर से इस पर फिलहाल कोई नई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
अधिकारी टिप्पणी करने से बचते दिखे।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले में वर्षों से कई सवाल अनुत्तरित हैं। लोगों की मांग है कि किसी भी तरह के आरोप या दावे को सार्वजनिक मंचों पर उछालने के बजाय न्यायालय के समक्ष प्रमाणों के साथ रखा जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल सके।
तथ्यों और सबूतों पर जोर
अंकिता की मां सोनी देवी ने भावुक होते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और जो भी प्रभावशाली व्यक्ति या अन्य लोग इस जघन्य अपराध में शामिल हैं, उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी पर गलत काम करने का दबाव बनाया गया था और इंकार करने पर उसकी हत्या कर दी गई। उनके अनुसार, यह मामला केवल उनकी बेटी तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी की सुरक्षा से जुड़ा है।
उर्मिला सनावर की सुरक्षा की मांग
सोनी देवी ने यह भी आशंका जताई कि जिस तरह से अंकिता को रिसॉर्ट में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी थी और उसे उजागर करने की बात पर उसकी जान गई, उसी तरह उर्मिला के साथ भी कोई अनहोनी न हो। उन्होंने उर्मिला सनावर की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की और न्याय प्रणाली पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा
पीड़ित परिवार की मांग है कि जिनके पास भी इस मामले से जुड़े सबूत हैं, वे उन्हें न्यायालय में पेश करें। आने वाले दिनों में यदि कोई नया साक्ष्य सामने आता है, तो जांच और कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय होगी।







