
हरिद्वार: अंकिता भंडारी हत्याकांड में सामने आए वीआईपी प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने नववर्ष के पहले दिन हरिद्वार में बड़ा कैंडल मार्च निकाला। ललतारों पुल से हर की पैड़ी तक निकाले गए इस मार्च में सैकड़ों कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मोमबत्तियां हाथ में लेकर शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान सीबीआई जांच की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक हत्याकांड से जुड़े वीआईपी चेहरे सामने नहीं आते, तब तक न्याय अधूरा रहेगा। यह मामला प्रदेश की राजनीति और जनभावनाओं से जुड़ जाने के कारण लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से वीआईपी संलिप्तता के आरोप लगाए जाते रहे हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। ऑडियो वायरल होने के बाद प्रदेशभर में राजनीतिक बयानबाजी, धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च का दौर शुरू हो गया है।
आधिकारिक जानकारी
कैंडल मार्च के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि पूरे मामले की जज की निगरानी में सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि हत्याकांड में शामिल वीआईपी प्रकरण से पर्दा उठाया जाए। उन्होंने कहा कि जैसे निर्भया मामले में पूरा देश सड़कों पर उतरा था, उसी तरह अंकिता भंडारी केस में भी जनता में भारी आक्रोश है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कैंडल मार्च में शामिल स्थानीय लोगों और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखा रही, जिससे लोगों का भरोसा कमजोर हो रहा है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इस मौके पर हरक सिंह रावत ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता खुद अपने नेताओं के नाम उजागर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के बीच वायरल ऑडियो में जिन वीआईपी नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, उनकी सीबीआई जांच के साथ-साथ नारको टेस्ट भी कराया जाना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने नेताओं को बचाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस और जांच की स्थिति
ऑडियो वायरल होने के बाद उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार जिले के अलग-अलग थानों में तीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं। एक मुकदमा पहले से ज्वालापुर कोतवाली में दर्ज है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने सभी मामलों की जांच के लिए एसपी सिटी अभय सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। पुलिस द्वारा उर्मिला सनावर को नोटिस जारी किए गए हैं, वहीं सुरेश राठौर के आवास पर भी नोटिस चस्पा किया जा चुका है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस ने साफ किया है कि जब तक अंकिता भंडारी को न्याय नहीं मिलता और वीआईपी प्रकरण की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं पुलिस का कहना है कि नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में आगे सख्त कार्रवाई की जा सकती है।





