
ऋषिकेश: अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा राज्यभर में चलाए जा रहे आंदोलन के तहत ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने किया। बड़ी संख्या में महिलाएं और कांग्रेस कार्यकर्ता पदयात्रा में शामिल हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए यह पदयात्रा त्रिवेणी घाट स्थित गांधी स्तंभ पर जाकर संपन्न हुई। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने अंकिता को न्याय दिलाने और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारेबाजी की, जिससे पूरे क्षेत्र में माहौल गरमा गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में लंबे समय से जनआक्रोश बना हुआ है। मामले में नए तथ्यों और कथित वीआईपी एंगल के सामने आने के बाद विपक्ष लगातार निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस ने राज्यभर में आंदोलन तेज करते हुए विभिन्न जिलों में प्रदर्शन और पदयात्राएं आयोजित की हैं।
आधिकारिक जानकारी
पदयात्रा के दौरान कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी के बयान और हाल में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, साथ ही साक्ष्य मिटाने वालों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
कांग्रेस की ओर से एक ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी अवगत कराया गया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
पदयात्रा में शामिल स्थानीय लोगों और महिलाओं का कहना है कि अंकिता पूरे राज्य की बेटी है और उसे न्याय मिलना चाहिए। लोगों ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहना चाहिए।
आंकड़े / तथ्य
पदयात्रा में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल हुईं। यह पदयात्रा ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में निकाली गई। समापन स्थल: त्रिवेणी घाट स्थित गांधी स्तंभ।
आगे क्या होगा
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, यदि सरकार जल्द ही सीबीआई जांच और अन्य मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।







