
देहरादून: लंबे समय से सेवानिवृत्ति पर सम्मानजनक राशि की मांग कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग ने सेवानिवृत्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एकमुश्त मिलने वाली राशि में बड़ा इजाफा करने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव मंजूर हुआ तो प्रदेश की करीब 38 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को सीधा फायदा मिलेगा।
कितना बढ़ेगा भुगतान?
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बी.एल. राणा के अनुसार, कल्याण कोष योजना के तहत मिलने वाली धनराशि काफी समय से अपर्याप्त बताई जा रही थी।
इसी को देखते हुए मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में दो बार बैठक हुई और यह तय किया गया कि:
- मौजूदा ₹46,540 की जगह कम से कम ₹1 लाख दिए जाएँ
- 10 साल की सेवा के बाद: ₹1.62 लाख
- 30 साल की सेवा के बाद: ₹4.32 लाख
यानी पहली बार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उनकी सेवा अवधि के हिसाब से सम्मानजनक सेवानिवृत्ति राशि देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
कर्मचारियों का अंशदान भी बढ़ेगा
इस राशि को देने के लिए विभाग ने राज्य सरकार से 25 करोड़ रुपये की मांग का प्रस्ताव भी तैयार किया है। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से कल्याण कोष में हर महीने जमा होने वाला अंशदान सौ रुपये से बढ़ाकर तीन सौ रुपये करने का सुझाव दिया गया है।
हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय आंगनबाड़ी संगठनों से चर्चा के बाद ही होगा।
स्थानीय प्रतिक्रिया: संगठन ने जताई आपत्ति
राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रांतीय अध्यक्ष सुशीला खत्री ने साफ कहा कि: “अंशदान तीन सौ रुपये करने से पहले मानदेय बढ़ाया जाए। बिना मानदेय बढ़ाए यह प्रस्ताव हमें स्वीकार नहीं।”
संगठन का कहना है कि आंगनबाड़ी कर्मियों पर पहले से ही आर्थिक बोझ है, ऐसे में अंशदान बढ़ाना उनके लिए चुनौती बन जाएगा।
विभाग का कहना है…
निदेशक बी.एल. राणा ने बताया कि सेवानिवृत्ति पर सम्मानजनक राशि देने के उद्देश्य से प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे शासन में भेजने से पहले संगठनों के सुझाव लिए जा रहे हैं—ताकि सबकी सहमति से अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा सके।





