
देहरादून: उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच के प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा प्रदर्शनकारी महिला को थप्पड़ मारने की घटना के विरोध में सोमवार को उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने सचिवालय घेराव किया। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी के साथ आगे बढ़ा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नर्सिंग एकता मंच बीते कई दिनों से वर्षवार भर्ती बहाल करने, आयु सीमा में छूट सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। सोमवार को हुए कूच के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा प्रदर्शनकारी महिला को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इस घटना ने राजनीतिक हलकों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी बढ़ा दी है।
आधिकारिक जानकारी
मंगलवार को महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता कांग्रेस भवन से सचिवालय घेराव के लिए निकलीं। सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वे पुलिस मुख्यालय के नजदीक पहुंचे, जहां बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने वहीं बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार का पुतला दहन किया।
महिला कांग्रेस ने कहा कि “मित्र पुलिस” की छवि के विपरीत ऐसी घटनाएँ जनविश्वास को कमजोर करती हैं और यह सरकार की प्रशासनिक नाकामी को दर्शाती हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कई महिला प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह घटना सिर्फ एक थप्पड़ का मामला नहीं, बल्कि आंदोलन कर रही महिलाओं के सम्मान पर आघात है।
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “अगर पुलिस ऐसी हरकत करेगी तो आम जनता किससे न्याय की उम्मीद करे? हमें डर नहीं, बल्कि जवाब चाहिए।”
नर्सिंग छात्रों ने भी महिला कांग्रेस के इस समर्थन को महत्वपूर्ण बताया और कहा कि इससे उनकी आवाज और मजबूत होगी।
आगे क्या?
महिला कांग्रेस ने मांग की है कि संबंधित महिला पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित किया जाए और नर्सिंग एकता मंच की लंबित मांगों पर सरकार तत्काल निर्णय ले।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि मामले की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





