
पिथौरागढ़: सीमांत जिले की देवलथल तहसील के धुरौली गांव में सोमवार शाम भीषण आग लगने से चार मकान जलकर पूरी तरह राख हो गए। आग में लाखों का सामान नष्ट हो गया और सभी प्रभावित परिवार बेघर हो गए। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा–तफरी का माहौल बन गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पिथौरागढ़ के पर्वतीय ग्रामीण इलाकों में आग लगने की घटनाएँ अक्सर बड़ी क्षति का कारण बनती हैं, क्योंकि अधिकांश घर पहाड़ी ढलानों पर होने के साथ-साथ फायर ब्रिगेड के लिए पहुंचना कठिन होता है। धुरौली गांव भी सड़क मार्ग से दो किलोमीटर दूर स्थित है, जिसके कारण आग लगने पर राहत और दमकल सहायता समय पर नहीं पहुंच सकी।
आधिकारिक जानकारी
सोमवार शाम ग्राम पंचायत धुरौली में सबसे पहले ललित सिंह के मकान में अचानक आग लगी। तेज लपटों ने कुछ ही मिनटों में पास के मकानों—गंभीर सिंह, चंदर सिंह और सुरेंद्र सिंह—को भी अपनी चपेट में ले लिया।
ललित सिंह को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, उनके घर में रखा भोजन, नकदी, सोने–चांदी के आभूषण और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। परिवार के पास अब सिर्फ तन पर कपड़े ही बचे हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन ने तत्काल राजस्व उपनिरीक्षक को मौके पर भेजा। एसडीएम खुशबू पांडे ने कहा कि क्षति का आंकलन किया जाएगा और पीड़ितों को प्रशासन स्तर पर हरसंभव सहायता दी जाएगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
धुरौली गांव सड़क से दूर होने के कारण ग्रामीण खुद ही पानी के बर्तनों और पाइपों की मदद से आग बुझाने का प्रयास करते रहे। अंधेरा और सीमित संसाधनों के कारण किसी भी घर को बचाना संभव नहीं हो पाया।
एक ग्रामीण ने कहा, “आग इतनी तेजी से फैली कि हम कुछ समझ ही नहीं सके। जब तक पानी डालते, चारों मकान जल चुके थे।”
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगदीश कुमार ने कहा कि प्रभावित परिवारों के पास अब रहने की जगह भी नहीं बची है। उन्होंने प्रशासन से आपदा राहत के तहत तत्काल सहायता देने की मांग की है।
आंकड़े और प्रभाव
चारों मकानों में रखा अधिकांश घरेलू सामान, गहने, कपड़े और राशन पूरी तरह जल चुका है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपये की क्षति हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन ठंड के मौसम में इस प्रकार की घटनाएँ अधिक खतरनाक साबित होती हैं।
आगे क्या?
प्रशासन ने पीड़ित परिवारों के अस्थायी ठहराव, खाद्यान्न और तंबू जैसी तत्काल जरूरतों का प्रबंध करने की तैयारी शुरू कर दी है।
एसडीएम ने कहा कि राजस्व टीम नुकसान का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करेगी, जिसके आधार पर प्रभावित परिवारों को राज्य आपदा निधि से सहायता प्रदान की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने आग के कारणों की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए गाँव में सुरक्षा सुविधाएँ बढ़ाने की मांग की है।





