
चमोली: नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के तहत चमोली पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेकिंग के दौरान 512.20 ग्राम चरस के साथ एक महिला तस्कर को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई SOG और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने की, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
चमोली पुलिस हाल के महीनों में नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशों के बाद जिले में एंटी-नार्कोटिक्स कार्रवाई और सख्त की गई है। पिछले एक महीने में चरस तस्करी के तीन मामलों में चार तस्करों को जेल भेजा जा चुका है, जिससे पुलिस का रुख स्पष्ट होता है।
आधिकारिक जानकारी
कोतवाली चमोली पुलिस और SOG की संयुक्त टीम चेकिंग अभियान चला रही थी। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक अनुरोध व्यास के नेतृत्व में टीम बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गश्त कर रही थी।
इसी दौरान पेट्रोल पंप से पहले एक महिला का संदिग्ध व्यवहार देखकर टीम ने वाहन रोका और तलाशी ली। महिला के बैग से 512.20 ग्राम अवैध चरस बरामद हुई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी महिला की पहचान— कुंवारी देवी, पत्नी इन्द्र मोहन, निवासी गौचर (चमोली), उम्र 32 वर्ष के रूप में हुई है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि महिला ने यह चरस किसी व्यक्ति से खरीदी थी और इसे आगे बेचने की योजना थी, लेकिन चेकिंग के दौरान कार्रवाई होने से पूरा नेटवर्क बाधित हो गया।
बरामदगी के आधार पर मु.अ.सं. 37/2025, धारा 8/20 NDPS Act में मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस टीम
- अनुरोध व्यास — प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली चमोली
- उपनिरीक्षक सतेन्द्र बुटोला — SOG प्रभारी
- हेड कांस्टेबल गोपाल सिंह — कोतवाली चमोली
- कांस्टेबल बनबीर — कोतवाली चमोली
- महिला कांस्टेबल अंकिता — कोतवाली चमोली
- कांस्टेबल सलमान — SOG
- कांस्टेबल रविकांत — SOG
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की बढ़ती निगरानी और लगातार हो रही गिरफ्तारी से क्षेत्र में नशा तस्करी पर प्रभावी रोक लग रही है। कई लोग यह भी मानते हैं कि नशा विरोधी अभियान से युवाओं में जागरूकता बढ़ी है।
विशेषज्ञ टिप्पणी
नशा उन्मूलन से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि “नशा नेटवर्क को जड़ से तोड़ने के लिए लगातार दबिश और आकस्मिक चेकिंग सबसे प्रभावी तरीका है, खासकर पहाड़ी जिलों में जहां तस्करी के नए रास्ते बनते रहते हैं।”
आगे क्या?
एसपी चमोली ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि नशा कारोबारियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और जिले में किसी भी कीमत पर नशे के अवैध व्यापार को पनपने नहीं दिया जाएगा। पुलिस अब चरस सप्लाई नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़कर विस्तृत जांच करेगी और संभावित अन्य आरोपियों की पहचान कर आगे कार्रवाई करेगी।







