
ऋषिकेश के वीरपुर खुर्द स्थित पशुलोक क्षेत्र में संचालित कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर सोमवार को उप जिलाधिकारी योगेश मेहर ने आकस्मिक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। केंद्र में संवेदनशील मूल दस्तावेजों का अनुचित संधारण, संचालन से संबंधित अस्पष्ट जानकारी और रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से केंद्र को सील कर उसके संचालन पर रोक लगा दी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के बाद जनपद भर में जन सेवा केंद्रों पर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन इन केंद्रों में पारदर्शिता और दस्तावेज सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरत रहा है। इसी क्रम में ऋषिकेश क्षेत्र के इस केंद्र का निरीक्षण किया गया।
आधिकारिक जानकारी
निरीक्षण में पाया गया कि CSC आईडी 144112520013 मनीषा नामदेव के नाम से पंजीकृत है, लेकिन केंद्र के बाहर लगे बोर्ड पर संचालक के रूप में विभा नामदेव का नाम अंकित है, साथ ही उनके और आर. नामदेव के मोबाइल नंबर दर्ज हैं।
जांच में सामने आया कि विभा नामदेव, आर. नामदेव की पुत्री हैं, जिनका विवाह हो चुका है और वे वर्तमान में हरिपुरकलां में रहती हैं। इससे केंद्र के वास्तविक संचालन पर संदेह उत्पन्न हुआ।
इसके अलावा केंद्र पर — 9 आधार कार्ड, 3 राशन कार्ड, 3 श्रम कार्ड, 1 आयुष्मान कार्ड जैसे कई मूल दस्तावेज बड़ी संख्या में मिले।
केंद्र से निर्गत प्रमाणपत्रों की कोई पंजिका भी उपलब्ध नहीं थी। पूछताछ के दौरान विभा और आर. नामदेव कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए, जिससे दस्तावेजों के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई।
निरीक्षण में बीपीएल सर्वेक्षण 2002 के खाली कार्ड भी बरामद हुए, जिनके संबंध में भी संचालकों द्वारा कोई उचित स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया।
इन गंभीर अनियमितताओं के बाद जिला प्रशासन ने आदेशों के अगले निर्णय तक केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया और संचालन पर रोक लगा दी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार केंद्र पर दस्तावेज जमा करने के बाद प्रमाणपत्र बनने में अत्यधिक समय लगता था, जिससे लोगों में असंतोष था।
कुछ लोगों ने बताया कि केंद्र में संचालन को लेकर पहले भी भ्रम की स्थिति बनी रहती थी और प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
विशेषज्ञ टिप्पणी
डिजिटल सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि “CSC केंद्रों में मूल दस्तावेजों का अनुचित रख-रखाव गंभीर सुरक्षा जोखिम है और नागरिकों की गोपनीय जानकारी असुरक्षित हो सकती है।”
जिलाधिकारी का बयान
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि जन सेवा केंद्र आम नागरिकों को सरकारी सुविधाएँ सरल व सुरक्षित ढंग से उपलब्ध कराने के लिए स्थापित किए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता, दस्तावेजों का अनुचित संधारण या मूल दस्तावेजों को बिना आवश्यकता अपने पास रखना गंभीर लापरवाही है और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद के सभी CSC केंद्रों की जांच की जाएगी और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, तुरंत कार्रवाई होगी।
आगे क्या?
जिला प्रशासन ने CSC केंद्रों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और केंद्र संचालकों के जवाब के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। अन्य केंद्रों पर भी निरीक्षण तेज किया जाएगा ताकि नागरिकों की गोपनीय और संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रह सके।






