
लच्छीवाला: देहरादून–हरिद्वार नेशनल हाईवे पर लच्छीवाला के पास दोपहिया वाहन पर जा रहे दंपति को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल पति की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून–हरिद्वार नेशनल हाईवे उत्तराखंड के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जहाँ तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। लच्छीवाला क्षेत्र में पहले भी कई दुर्घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। शुक्रवार को हुए इस हादसे ने फिर सड़क सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है।
आधिकारिक जानकारी
पुन्नू, निवासी बालावाला डोईवाला, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा अनिल पाल अपनी पत्नी रजनी के साथ दोपहिया वाहन से 29 नवंबर को जौलीग्रांट में होने वाले शादी समारोह के लिए गए थे। लौटते समय लच्छीवाला के पास अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
हादसे के बाद दोनों सड़क पर घायल अवस्था में पड़े थे। राहगीरों ने तुरंत उन्हें जौलीग्रांट के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण अनिल पाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी पत्नी रजनी की हालत भी अस्पताल में बेहद नाजुक बताई जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
लच्छीवाला क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि हाईवे पर स्पीड कंट्रोल और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। कई यात्रियों ने बताया कि इस क्षेत्र में ओवरस्पीडिंग आम बात है और अंधेरा पड़ते ही हादसों की आशंका बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इस मार्ग पर पेट्रोलिंग बढ़ाने की भी मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
कोतवाल प्रदीप राणा ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि वाहन की पहचान की जा सके।
उन्होंने बताया कि घटना के समय हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही अधिक थी, इसलिए पुलिस कई कोणों से जांच कर रही है। वाहन की पहचान होते ही आरोपी चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
आगे क्या?
पुलिस ने स्थानीय लोगों और राहगीरों से भी अपील की है कि यदि किसी ने घटना को देखा है या किसी वाहन पर संदिग्ध नुकसान के निशान पाए हैं तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। जांच पूरी होने तक हाईवे पर अतिरिक्त गश्त भी बढ़ाई जा सकती है।






