
देहरादून: नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को वर्षवार करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर परेड ग्राउंड में बेमियादी धरने पर पहुंचे बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर एकता विहार स्थित धरना स्थल पहुंचा दिया। इस दौरान समर्थन देने पहुंचे कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने भी गिरफ्तारी दी, जिससे मामला और राजनीतिक रंग लेता दिखा।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
नर्सिंग भर्ती को लेकर लंबे समय से विवाद जारी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती वर्षवार न होने से स्थानीय बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों के साथ अन्याय हो रहा है। पिछली भर्ती 2020 में हुई थी और तब कई अभ्यर्थियों का दो-दो बार चयन हो गया था, जबकि कई स्थानीय उम्मीदवारों को मौका नहीं मिला। नई भर्ती आने तक कई अभ्यर्थियों की उम्र अधिकतम सीमा के करीब पहुँच गई है।
आधिकारिक जानकारी
नर्सिंग एकता मंच के पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी परेड ग्राउंड पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने पहले ही क्षेत्र में बैरिकेडिंग लगा दी थी। अधिकारी अलग-अलग समूहों में पहुंचे और नारेबाजी शुरू की। थोड़ी देर बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर उन्हें एकता विहार स्थित धरना स्थल पहुंचा दिया।
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत भी धरने में पहुंचे और उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में नर्सिंग अधिकारियों ने जिस समर्पण से सेवा की, आज सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने वर्षवार भर्ती लागू करने की मांग उठाई और गिरफ्तारी दी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
मौके पर मौजूद कई लोगों ने बताया कि अभ्यर्थियों की नाराज़गी वर्षों से बढ़ती आ रही है। उनका कहना है कि नई भर्ती में आयु सीमा और चयन प्रक्रिया को लेकर बड़ी संख्या में उम्मीदवार असहज हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने 690 पदों के लिए जो विज्ञप्ति जारी की है, वह कई योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करेगी।
नर्सिंग एकता मंच का पक्ष
मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि पिछली भर्ती के बाद से अभ्यर्थियों को इंतजार करते-करते कई वर्षों का समय निकल गया। वर्ष 2021 में संगठन ने 134 दिनों तक एकता विहार में धरना दिया था, जिसके बाद सरकार ने तीन हजार पदों के लिए विज्ञप्ति जारी की थी। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों के साथ कई दौर की वार्ता से कोई समाधान नहीं निकल पाया।
पुंडीर ने मांग की कि वर्तमान भर्ती विज्ञप्ति को तुरंत वापस लिया जाए और वर्षवार भर्ती नीति लागू की जाए, ताकि स्थानीय बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों को उचित अवसर मिल सके।
आगे क्या?
मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग व सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे धरना जारी रखेंगे। पुलिस की ओर से बताया गया कि धरने को निर्धारित स्थल पर स्थानांतरित किया गया है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।







