
देहरादून: राजधानी दून में शराब माफिया के सक्रिय नेटवर्क का आबकारी विभाग ने बड़ा भंडाफोड़ किया है। हरियाणा और चंडीगढ़ से तस्करी कर लाई जा रही शराब पर फर्जी डिफेंस (आर्मी) लेबल चिपकाकर सप्लाई की जा रही थी। संयुक्त टीम ने तीन स्थानों पर छापेमारी करते हुए 23 पेटी फर्जी लेबल की शराब और चार पेटी वैध अंग्रेजी शराब बरामद कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
देहरादून में अवैध शराब कारोबार लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। शादी-समारोहों और निजी पार्टियों में खपत बढ़ने के कारण तस्करी का जाल लगातार फैल रहा है। फर्जी लेबल लगाकर शराब बेचने का तरीका माफिया के लिए अधिक मुनाफे का साधन बनता जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है।
आधिकारिक जानकारी
आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के निर्देश पर जनपदीय प्रवर्तन एवं अपराध निरोधक क्षेत्र ऋषिकेश की टीम ने संयुक्त अभियान चलाया। प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त प्रेरणा बिष्ट के नेतृत्व में खुड़बुड़ा मोहल्ला, अधोईवाला और अन्य स्थानों पर छापेमारी की गई। खुड़बुड़ा मोहल्ला स्थित एक घर से डिफेंस लेबल लगी 10 पेटी शराब बरामद कर वैभव गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। चूना भट्टा अधोईवाला में वकील अहमद के घर से 23 पेटी अवैध शराब मिली। इसी क्षेत्र में एक अन्य घर से उत्तराखंड में बिक्री के लिए अधिकृत चार पेटी शराब मिलने पर आशीष को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कारोबार का नेटवर्क संगठित ढंग से काम कर रहा था।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आवासीय कॉलोनियों में शराब तस्करी का सक्रिय होना बेहद चिंताजनक है। लोग बताते हैं कि रात के समय बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही बढ़ी थी, लेकिन किसी को अंदेशा नहीं था कि यहां फर्जी लेबल का इतना बड़ा खेल चल रहा होगा।
नेटवर्क कैसे चलता था?
गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि डिफेंस के फर्जी लेबल मेरठ में छापे जाते थे और वहीं बोतलों पर चिपकाए भी जाते थे। इसके बाद पूरी खेप देहरादून लाकर शादियों और पार्टियों में सप्लाई की जाती थी। तस्करों के अनुसार, ‘डिफेंस लेबल’ होने के कारण शराब ऊंचे दाम पर आसानी से बिक जाती थी।
मिलावट की आशंका
खुड़बुड़ा में एक घर से अधिकृत शराब की पेटियाँ मिलने के बाद विभाग इस संभावना की जांच कर रहा है कि तस्करी के लिए शराब में मिलावट भी की जा सकती है। अधिकारियों ने कहा कि इस पहलू को विशेष रूप से जांचा जाएगा।
आगे क्या?
आबकारी विभाग अब मेरठ स्थित उन ठिकानों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, जहां फर्जी लेबल छापे और चिपकाए जा रहे थे। विभाग का कहना है कि तस्करी में शामिल सभी लोगों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाएगी ताकि राजधानी में अवैध शराब कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।






