
रुद्रप्रयाग: जिले के कई इलाकों में गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों और शहरी निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। तड़के करीब 3.30 बजे शहर की सड़कों पर एक गुलदार आराम से घूमता हुआ दिखाई दिया, जिसकी तस्वीरें पास की दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं। घटना के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं और वन विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
रुद्रप्रयाग जिले में बीते कुछ महीनों से मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाएँ बढ़ रही हैं। विशेष रूप से गुलदार की आवाजाही कई वार्डों में लगातार देखी जा रही है। शहर से सटे जंगलों में भोजन की कमी और तेज़ी से बढ़ते शहरी विस्तार को विशेषज्ञ वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों तक पहुँचने का बड़ा कारण बता रहे हैं। इससे स्थानीय निवासियों में भय का माहौल बना हुआ है।
औपचारिक जानकारी
तड़के 3.30 बजे सच्चिदानंद नगर में लगे सीसीटीवी कैमरों में गुलदार एक दुकान के सामने टहलता नजर आया। वीडियो में गुलदार सड़क पर आता है, कुछ देर रुककर चारों ओर देखता है और फिर आराम से आगे बढ़ जाता है। इससे पहले भी गुलदार कई बार इसी क्षेत्र में पालतू कुत्तों को अपना शिकार बना चुका है।
सच्चिदानंद नगर के अलावा गुलाबराय, भाणाधार, पुनाड़, बेलनी, तिलणी और संगम बाजार जैसे वार्डों में भी गुलदार की आवाजाही लगातार दर्ज की जा रही है। देर रात के समय गुलदार घरों के आसपास सक्रिय रहता है और पालतू जानवरों को निशाना बना रहा है। इससे लोगों का सुबह–शाम घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने बताया कि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वन विभाग ने संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और रात के समय सतर्कता बढ़ाने के लिए टीमों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि गुलदार को पकड़ने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और लोगों को भी जागरूक रहने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासी प्रवीन रावत, अजय सेमवाल, प्रवीन सेमवाल, दीपक नौटियाल, दीपक बिष्ट, कमल किशोर भट्ट और अंकित राणा ने बताया कि क्षेत्र में रोजाना गुलदार की दस्तक से लोग भयभीत हैं। कई लोगों ने कहा कि शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। विशेषकर छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग ने समय रहते कदम न उठाए तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
आगे क्या?
वन विभाग गुलदार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी कर रहा है और सीसीटीवी फुटेज, पगमार्क तथा स्थानीय इनपुट के आधार पर पूरे क्षेत्र की मैपिंग की जा रही है। विभाग का कहना है कि जल्द ही गुलदार को सुरक्षित रूप से पकड़ने के प्रयास तेज किए जाएंगे। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि रात के समय अकेले बाहर न निकलें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को दें।





