
ऋषिकेश: योग नगरी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार दोपहर अचानक आतंकी हमले जैसा माहौल बन गया, जब वेटिंग रूम में हथियारबंद संदिग्धों द्वारा यात्रियों को बंधक बनाने की सूचना फैली। यह दृश्य दरअसल सुरक्षा परीक्षण के तहत आयोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा था। एटीएस, जीआरपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तत्परता दिखाते हुए अभियान चलाया और ‘आतंकियों’ को निष्क्रिय करते हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
दिल्ली में हाल ही में हुए विस्फोट के बाद उत्तराखंड के सभी रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया है। इसी सतर्कता के तहत राज्य में लगातार मॉक ड्रिल की जा रही हैं ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का परीक्षण किया जा सके। योग नगरी रेलवे स्टेशन, जहाँ उच्च संख्या में यात्री और पर्यटक आते हैं, भी इस सुरक्षा प्रक्रिया का महत्वपूर्ण केंद्र है।
औपचारिक जानकारी
जीआरपी द्वारा दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि योग नगरी रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में दो हथियारबंद संदिग्धों ने यात्रियों को बंधक बना लिया है। सूचना मिलते ही पुलिस, एटीएस, जीआरपी, आरपीएफ, फायर और मेडिकल टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्टेशन परिसर में मोर्चा संभाला।
एटीएस टीम ने वेटिंग रूम में प्रवेश कर अभियान चलाया। मॉक ड्रिल के दौरान दिखाया गया कि एक आतंकी को गोली मारकर ‘ढेर’ कर दिया गया जबकि दूसरे को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से हथियार मिलने का परिदृश्य भी ड्रिल का हिस्सा रहा, जिन्हें जीआरपी ने अपने पास लिया। इस दौरान स्टेशन पहुँची ट्रेन के यात्रियों को कुछ देर तक प्लेटफॉर्म पर उतरने की अनुमति नहीं दी गई ताकि सुरक्षा स्थिति संभाली जा सके।
एसपी जीआरपी अरुणा भारती ने बताया कि ड्रिल का उद्देश्य सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की जांच करना था। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में पैनिक न फैले, इसके लिए पूर्व घोषणा कर दी गई थी। एसपी जया बलूनी ने बताया कि अभ्यास के दौरान श्यामपुर–नटराज बायपास मार्ग पर ट्रैफिक को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि ड्रिल के दौरान सुरक्षाबलों की तेजी और समन्वय देखने लायक था। कई लोगों ने कहा कि हालांकि शुरुआत में अफवाह की तरह माहौल बना, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी गई पहले से चेतावनी और अनाउंसमेंट के कारण स्थिति नियंत्रित रही। स्थानीय व्यापारियों ने भी कहा कि ऐसे अभ्यास सुरक्षा में विश्वास को बढ़ाते हैं।
आगे क्या?
रेलवे और पुलिस विभाग आने वाले दिनों में भी ऐसे सुरक्षा अभ्यास जारी रखने की योजना बना रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मॉक ड्रिल से वास्तविक परिस्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होती है और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनता है।







