
पौड़ी: सत्यखाल क्षेत्र में बुधवार सुबह दूध देने जा रहे एक व्यक्ति पर गुलदार ने घात लगाकर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रमीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने DM व DFO के मौके पर पहुंचने तक शव उठाने से मना कर दिया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पौड़ी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में हाल के महीनों में गुलदार की गतिविधियाँ बढ़ी हैं। स्थानीय लोग कई बार वन विभाग को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन अपेक्षित कदम नहीं उठने से ग्रामीणों में नाराज़गी है।
घटना कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, सत्यखाल निवासी व्यक्ति सुबह करीब 7:30 बजे दूध देने के लिए पौड़ी की ओर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि व्यक्ति को बचने का मौका नहीं मिला और उसने मौके पर ही जान गंवा दी।
स्थानीय लोगों का गुस्सा और हंगामा
घटना के बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए और जोरदार हंगामा किया। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की दहशत बढ़ रही है पर वन विभाग सिर्फ पिंजरा लगा कर कार्रवाई दिखाता है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा: “हमें पिंजरा नहीं, शूटर चाहिए।”
लोग DM और DFO को मौके पर बुलाने पर अड़ गए और कहा कि जब तक अधिकारी व्यक्तिगत रूप से नहीं आएंगे, वे शव नहीं उठाने देंगे।
प्रशासनिक कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन ग्रामीण अपने मांगों पर अड़े रहे। अधिकारियों द्वारा समझाने की कोशिश की जा रही है ताकि स्थिति नियंत्रित की जा सके।
एक ग्रामीण ने बताया कि बार-बार की घटनाओं के बावजूद विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है और अब उनका धैर्य टूट चुका है।
आगे क्या?
वन विभाग और जिला प्रशासन उच्च अधिकारियों से बात कर स्थिति संभालने का प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल इलाके में शूटर तैनात किया जाए और गुलदार को पकड़ने या मारने की अनुमति दी जाए।





