
मसूरी: धनोल्टी–मसूरी बाईपास रोड पर मंगलवार शाम एक व्यक्ति खरगोश फार्म के पास लगभग 600 मीटर गहरी खाई में गिर गया। गंभीर घटना के बावजूद व्यक्ति को मामूली चोटें आईं। अंधेरा और रास्ता न होने से रेस्क्यू में भारी मुश्किलें आईं, लेकिन पुलिस, फायर सर्विस और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
धनोल्टी–मसूरी बाईपास सड़क ऊँचाई और गहरी खाइयों के लिए जानी जाती है, जहां अक्सर वाहन और पैदल यात्रियों के फिसलने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। शाम के समय इस मार्ग पर दृश्यता कम होने के कारण जोखिम और बढ़ जाता है।
आधिकारिक जानकारी
मसूरी पुलिस के अनुसार शाम के समय सूचना मिली कि खरगोश फार्म के पास एक व्यक्ति खाई में गिर गया है। इसके बाद कोतवाली मसूरी से प्रभारी निरीक्षक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक और पुलिस बल बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। फायर सर्विस को भी तुरंत सूचना देकर रेस्क्यू टीम को सक्रिय किया गया। अधिकारी बताते हैं कि खाई की गहराई और मुश्किल भू-भाग के बावजूद पुलिस दल ने रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से नीचे उतरकर घायल तक पहुंच बनाई। रात का अंधेरा रेस्क्यू को और चुनौतीपूर्ण बना रहा।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने बताया कि खाई अत्यंत खतरनाक है और छोटे से संतुलन बिगड़ने पर भी गंभीर हादसा हो सकता है। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस और फायर टीम ने बिना देरी किए जोखिम उठाते हुए रेस्क्यू किया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
घटना का विवरण
रेस्क्यू टीम जब नीचे पहुंची तो व्यक्ति को सचेत अवस्था में पाया गया। उसे सुरक्षित ऊपर लाने के बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उप जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर है।
घायल का बयान
पुलिस के अनुसार घायल नंदू थापा (48), निवासी पीली बिल्डिंग मसूरी, स्कूटी से मसूरी से धनोल्टी की ओर जा रहे थे। खरगोश फार्म के पास उन्होंने सड़क किनारे स्कूटी खड़ी की और लघुशंका के लिए आगे बढ़े। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे 600 मीटर नीचे खाई में जा गिरे। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है।
आगे क्या?
पुलिस ने मार्ग की संवेदनशीलता को देखते हुए यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। इस दुर्घटना के बाद आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा रेलिंग और चेतावनी संकेतों की आवश्यकता पर भी चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन संवेदनशील मोड़ों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करेगा।





