
पौड़ी — जिले के नेटवर्क प्रभावित क्षेत्रों को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने एनआईसी कक्ष में विभिन्न विभागों और नेटवर्क कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जहां-जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर या बाधित है, वहां तत्काल सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि ग्रामीणों और उपभोक्ताओं को बेहतर संचार सुविधा मिल सके।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या लंबे समय से आम जनता के लिए चुनौती बनी हुई है। कई गांवों में कॉल ड्रॉप, इंटरनेट की धीमी गति और नेटवर्क न मिलने जैसी समस्याएँ लगातार उठाई जाती रही हैं। हाल के महीनों में ग्रामीणों द्वारा शिकायतों में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने अब इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सभी नेटवर्क कंपनियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क कमजोर है, वहां सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि राजस्व गांवों और ग्राम पंचायतों में नेटवर्क की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि सुधारात्मक कार्यवाही समय पर हो सके।
जिलाधिकारी ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देश दिया कि जनपद के सभी गांवों की सूची अक्षांश और देशांतर के साथ तैयार की जाए और इसे सभी नेटवर्क ऑपरेटरों के साथ साझा किया जाए। इससे ऑपरेटरों को सटीक लोकेशन के आधार पर नेटवर्क सुधार करने में आसानी होगी।
ऑपरेटरों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश
डीएम ने नेटवर्क कंपनियों से आग्रह किया कि सूची के आधार पर जिले के सभी राजस्व गांवों में तुरंत सर्वे किया जाए। इसके बाद सत्यापन रिपोर्ट जिला प्रशासन के साथ साझा की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी चिन्हित शैडो क्षेत्रों में नेटवर्क उपलब्ध कराया जाए।
बीएसएनएल को विशेष निर्देश
जिलाधिकारी ने बैठक में बीएसएनएल को भी निर्देशित किया कि जिले में नए स्थापित किए गए चार टॉवर अभी तक संचालित नहीं हो पाए हैं। उन्होंने कहा कि इन टावरों के संचालन में देरी के कारणों की पहचान की जाए और विद्युत विभाग के साथ समन्वय कर इन्हें तुरंत चालू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बीएसएनएल को अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभानी होगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क समस्या को लेकर लोगों ने कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा इस दिशा में सक्रियता दिखाना राहत की बात है। उनका मानना है कि संचार सुविधाएं सुधारने से शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं में भी बड़ा बदलाव आएगा।
आगे क्या?
जिला प्रशासन आने वाले दिनों में नेटवर्क कंपनियों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करेगा। निर्देशों के अनुपालन के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के सभी गांवों में निर्बाध और विश्वसनीय मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध हो सके।






