
पौड़ी — प्रसिद्ध बूंखाल मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सोमवार को समीक्षा बैठक आयोजित की और सभी विभागों को 6 दिसंबर से पहले व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
बूंखाल मेला पौड़ी जनपद का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सर्दियों के मौसम में आयोजित होने वाला यह मेला प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए मेले से पहले सभी व्यवस्थाओं की समय पर समीक्षा की जाती है।
अधिकारियों की जानकारी
समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने लोनिवि को सभी चेक पोस्टों का निर्माण निर्धारित समय तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने पर जोर दिया ताकि मेले के दिन किसी भी प्रकार की यातायात समस्या न हो।
डीएम ने पेयजल, सोलर लाइट और साफ-सफाई की व्यवस्था को भी जल्द पूरा करने का आदेश दिया। पुलिस विभाग को आयोजन स्थल पर कंट्रोल रूम स्थापित करने, जरूरत के अनुसार लाउडस्पीकर लगाने और भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए डीएम ने सीएमओ को मेले के दिन हेल्थ कैंप लगाने के लिए कहा। इसके साथ ही मेले में आने वाली डोलियों के पंजीकरण और दुकानदारों के सत्यापन के निर्देश भी दिए। उन्होंने आबकारी विभाग को अवैध मदिरा की बिक्री रोकने के लिए छापेमारी अभियान तेज करने को कहा।
डीएम ने कहा कि सर्दियों के मौसम को देखते हुए आवश्यकता के अनुसार अलाव की व्यवस्था की जाए। मेला क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था, बायो टॉयलेट और स्वच्छता कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश जिला पंचायत को दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने नोडल अधिकारियों की सूची तैयार कर संयुक्त मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय बनाए रखें।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बूंखाल मेला धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है और उचित प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुविधा के लिए बेहद जरूरी है। लोगों ने प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना की।
आगे क्या?
प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में मेला स्थल का निरीक्षण किया जाएगा। सभी विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां समय पर पूरी करने के लिए कहा गया है। 6 दिसंबर को मेला सुचारू और सुरक्षित रूप से आयोजित हो सके, इसके लिए व्यापक प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है।







