
चमोली—दशोली विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं से छेड़छाड़ और यौन शोषण के आरोपों में फंसे अतिथि शिक्षक युनूस अंसारी के खिलाफ विभाग ने कठोर कदम उठाते हुए उनका अनुबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा भी दर्ज किया गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
राज्य में शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में चमोली जिले में सामने आया यह मामला अभिभावकों और विद्यालयी समुदाय के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया। घटना ने यह भी उजागर किया है कि शिक्षकों के आचरण पर कड़ी निगरानी की जरूरत है, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में शिक्षा प्राप्त कर सकें।
आरोप और कार्रवाई
दशोली विकासखंड स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में राजनीति विज्ञान के अतिथि प्रवक्ता युनूस अंसारी पर कई छात्र-छात्राओं ने छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए। अभिभावकों की ओर से की गई शिकायत के बाद विद्यालय प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया।
विद्यालय प्रबंधन समिति और अभिभावक संघ की बैठक के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की सिफारिश की गई। इसके आधार पर प्रधानाचार्य ने अनुबंध निरस्तीकरण के आदेश जारी करते हुए युनूस अंसारी की सेवा समाप्त कर दी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक 2015 से अतिथि प्रवक्ता के रूप में कार्यरत था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दशोली खंड शिक्षा अधिकारी की तहरीर पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ चमोली कोतवाली में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण तलब
मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली ने विद्यालय स्तर पर बरती गई लापरवाही पर गंभीर रुख अपनाया है। सीईओ ने प्रधानाचार्य को दो दिनों के भीतर तथ्यपरक स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मामले का संज्ञान समय पर क्यों नहीं लिया गया।
स्थानीय प्रतिक्रिया
अभिभावकों का कहना है कि आरोप सामने आने के बाद बच्चों में भय का माहौल बन गया था। उनका कहना है कि विद्यालय प्रशासन और विभाग ने कार्रवाई की है, लेकिन इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्कूलों में नियमित निगरानी जरूरी है। कई अभिभावकों ने मांग की कि शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में कड़े मानदंड तय किए जाएं।
शिक्षा मंत्री का बयान
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षण संस्थानों में छेड़छाड़ या बच्चों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी अपराध को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्कूल स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाए। मंत्री ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगे क्या?
विभागीय स्तर पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि आगामी दिनों में विद्यालयों में निगरानी सिस्टम को और सख्त किया जाएगा, ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में अध्ययन कर सकें।







