
देहरादून: उत्तराखण्ड सरकार ने प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद किच्छा के कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ और भाजपा विधायक विनोद चमोली के अलग-अलग बयान सामने आए हैं, जिससे मामला राजनीतिक रूप से और गरमा गया है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
प्रदेश में बीते महीनों से स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर लगातार बहस चल रही थी। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं ने बिलिंग और तकनीकी समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए विरोध भी जताया था। अब सरकार द्वारा प्रक्रिया रोकने के फैसले को राजनीतिक हलकों में अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
आधिकारिक जानकारी
उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन पर रोक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। विभागीय अधिकारी इस निर्णय पर खुलकर टिप्पणी करने से बचते दिखे।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
किच्छा के कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने कहा कि स्मार्ट मीटर का जिस तरह से सड़क से विधानसभा तक विरोध किया गया था, अब उसकी सच्चाई सामने आ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पहले इस मुद्दे को नजरअंदाज किया, लेकिन चुनाव नजदीक आते ही रोक लगा दी। बेहड़ ने स्मार्ट मीटर योजना पर पूरी तरह रोक लगाने की भी मांग की।
वहीं भाजपा विधायक विनोद चमोली ने कहा कि तकनीकी युग में स्मार्ट मीटर आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जब इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगे थे, तब भी इसी तरह विरोध हुआ था, लेकिन समय के साथ तकनीक का लाभ सबने देखा। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर में यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसका समाधान किया जा रहा है, इसलिए इसे गलत कहना उचित नहीं।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर को लेकर कई बार बिलिंग संबंधी भ्रम पैदा हुआ, इसलिए सरकार का यह कदम अस्थायी राहत जैसा है। व्यापारियों ने बताया कि लगातार बढ़ रहे बिजली बिलों के चलते वे भी इस फैसले को जरूरी मानते हैं।
विशेषज्ञ टिप्पणी
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट मीटर लंबी अवधि में पारदर्शिता बढ़ाते हैं, लेकिन इंस्टॉलेशन और बिलिंग सिस्टम को अधिक सुगम बनाने की आवश्यकता है।
आगे क्या?
अब विभागीय टीम स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकनीकी और प्रशासनिक रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। उम्मीद है कि सरकार सभी पक्षों से चर्चा कर अगले चरण की रणनीति तय करेगी। उपभोक्ता हितों और तकनीकी चुनौतियों के बीच संतुलन बनाना आने वाले दिनों में बड़ी चुनौती होगा।







