
ऋषिकेश नगर क्षेत्र में प्रस्तावित स्मार्ट वेंडिंग जोन में कार्ट आवंटन को लेकर नगर निगम प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। शुरूआती चरण में तीन स्थानों पर करीब 250 ठेली–रेहड़ी संचालकों को स्मार्ट कार्ट दिए जाएंगे। इसके लिए थर्ड पार्टी एजेंसी से सत्यापन का काम जारी है।
पृष्ठभूमि / संदर्भ
लंबे समय से नगर क्षेत्र में ठेली–रेहड़ी लगाने वाले वेंडर्स को व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान देने के उद्देश्य से स्मार्ट वेंडिंग जोन बनाए जा रहे हैं। इसका मकसद सड़क किनारे अतिक्रमण को कम करना और वेंडर्स को बेहतर कारोबारी सुविधा उपलब्ध कराना है।
अधिकारिक जानकारी
नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने बताया कि वेंडिंग जोन के लिए कुल आठ स्थान प्रस्तावित हैं, लेकिन पहले चरण में तीन स्थानों को चुना गया है—
- योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के पास (हरिद्वार बाइपास मार्ग)
- वीरभद्र तिराहा
- एम्स ऋषिकेश के पास सड़क किनारा
इन तीन स्थानों पर लगभग 250 वेंडर्स को कार्ट दिए जाने का लक्ष्य है।
नगर निगम ने पुराने वेंडर्स के दावों और पहचान की पुष्टि के लिए एक थर्ड पार्टी एजेंसी को नियुक्त किया है, जो सात दिन में सत्यापन रिपोर्ट निगम को सौंपेगी।
स्थानीय प्रतिक्रिया
कई वेंडर्स ने कहा कि स्मार्ट वेंडिंग जोन बनने से उनका रोजगार सुरक्षित होगा और उन्हें स्थायी स्थान मिलेगा।
एक संचालक ने कहा, “हम वर्षों से एक ही जगह काम कर रहे थे, अब यदि निगम से आधिकारिक कार्ट मिल जाए तो व्यवसाय और आसान हो जाएगा।”
आगे क्या होगा
सत्यापन रिपोर्ट मिलते ही नगर निगम कार्ट आवंटन की प्रक्रिया शुरू करेगा। कार्ट निर्माण की जिम्मेदारी पहले ही निर्धारित एजेंसी को दी जा चुकी है और इसके डमी मॉडल भी वेंडर्स को दिखाए जा चुके हैं। निगम का दावा है कि जल्द ही इन तीनों स्थानों पर आधुनिक स्मार्ट वेंडिंग जोन विकसित कर दिए जाएंगे।







